डेलीऑफ़िस आना-जेन के लिए एक आरामदायक, आरामदायक और आलीशान टू-इंडिएनर लिस्टिंग हमेशा से एक पहेली बनी हुई है। भारतीय बाजार में 125 सीसी का मॉडल सबसे लोकप्रिय है, क्योंकि यह बेहतरीन घटिया और पर्याप्त पावर का अच्छा बैलेंस देता है। जब बात 125 सीसी कम्यूटर बाइक (जैसे टीवीएस रेडर 125, होंडा शाइन 125, हीरो ग्लैमर) और 125 सीसी की मशहूर बाइक (जैसे सुजुकी एक्सेस 125, टीवीएस एनटॉर्क 125, होंडा एक्टिवा 125) के बीच में होती है, तो फैसला सिर्फ शौक का नहीं बल्कि कंपनी की दोस्ती और शहर की करिश्मा का होता है।
भारी-भरकम क्लच और गियर का झंझट खत्म करने वाला विशेष रूप से व्यावहारिक लगता है या फिर भारी-भरकम क्लच और गियर का झंझट खत्म करने वाली बाइक है? ऑफिस, गोअर्स की नजर से दोनों की तुलना की जाती है। जानिए कि 125 सीसी स्लाइस में डेली अप-डाउन के लिए बाइक या यूनिट में किसे बिजनेस के लिए ज्यादा फायदे का सौदा होगा?
1. चमेली में राइडिंग और कंफर्ट
सहभागी की सलाह: पीक ऑवर्स के बंपर-टू-बंपर में क्लासिक बाजी मारता है। सीवीटी (ऑटो एसोसिएटेड) म्यूजिक की वजह से बार-बार क्लच और गियर परिवर्तन का झंझट नहीं रहता। आदिवासियों को पूरी तरह से आराम मिलता है, जिससे थकान काफी कम होती है।
बाइक की: बाइक में क्लच-गियर ऑरेट करने के लिए चिपचिपा में थोड़ा थकाऊ हो सकता है, लेकिन इसके बड़े 17-18 इंच के पहिये और बेहतर दबाव और स्पीड ब्रेकर पर कमर को सुरक्षित रखा जाता है।
2. भंडारण और व्यावहारिकता
वर्गीकरण का वर्गीकरण: ऑफिस आने-जाने वालों के लिए अचल संपत्ति के मामले में सबसे आगे है। सीट के नीचे (अंडर-सीट) लैपटॉप बैग, रेनकोट, टिफ़िन या वाॅलमेन्ट रूम की पर्याप्त जगह है। आगे का फ्लैट फुटबोर्ड एक्स्ट्रा सामान या किराने का बैग टांगने का काम आता है।
बाइक की समीक्षा: बाइक में इनबिल्ट स्टोरेज नहीं होता है. आपके ऑफिस बैग में हमेशा पीठ पर टांगना होता है, जिसमें लंबे समय तक यात्रा में चलने वाले फर्नीचर और मसालों की हड्डियों पर दबाव का सामान होता है। अलग से साइड बॉक्स डाला गया एक ही एकमात्र विकल्प बचता है।
3. मजदूर और रनिंग कास्ट
बाइक की बढ़त: अगर आपका ऑफिस घर से 20-30 किमी दूर है, तो 125 सीसी बाइक के लिए आपकी जेब सबसे ज्यादा है। सामान्य खाद में 125 सीसी बाइक 55 से 65 किमी/लीटर तक का अवशेष है।
उधार का खर्च: संग्रहालय की वजह से 125 सीसी निजी अमूमन 45 से 52 किमी/लीटर का सामान देते हैं, लार्ज रूट पर हर महीने पेट्रोल का खर्चा बाइक की तुलना में थोड़ा ज्यादा आता है।
4. किराये और परिवार सहायक
हाँ: बाइक का रखरखाव सरल और सस्ता होता है, क्योंकि इसकी मशीनरी तक पहुंच आसान होती है। विशेष रूप से पूरी तरह से मोटापे से ग्रस्त लैपटॉप से बढ़िया होता है, जिससे सर्विसिंग और डैमेज रिपेयर का खर्च थोड़ा अधिक होता है।
फ़ैमिली यूज़: घर का कोई भी सदस्य (पति, पत्नी, बुजुर्ग या बच्चा) आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। हर किसी के लिए बाइक चलाना सुविधाजनक नहीं होता।
अगर आपका ऑफिस रूट भारी उपकरण, मेटल और सिग्नल से भरा है, तो 15-20 किमी की दूरी है और आपको बैग-सामान रखने की चिंता नहीं करनी चाहिए, तो 125 सीसी सबसे उपयोगी विकल्प है। साथ ही, अगर दूरी 25-30 किमी से अधिक है, तो रास्ता गहराई-फुटे हैं और आपके पेट्रोल पंप और कमर दर्द से बचना है, तो 125 सीसी बाइक आपके लिए सही निर्णय साबित होगी।


