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Durga Visarjan 2026: दुर्गा विसर्जन कब और कैसे किया जाएगा? जान लें सही डेट, मुहूर्त और विधि

Author: Ajay Kumar

Published: 19-10-2026, 5:31 PM

Durga Visarjan 2026: दुर्गा विसर्जन एक निश्चित शुभ काल में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, उस दिन विसर्जन मान्य होता है जब विजयादशमी तिथि प्रात:काल या अपराह्न काल में व्याप्त हो। 20 अक्टूबर को दशमी तिथि दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर यानी अपराह्न काल में लग जाएगी। ऐसे में दुर्गा माता की प्रतिमाओं का विसर्जन 20 अक्टूबर को ही किया जाएगा। कई श्रद्धालु नवरात्रि व्रत का पारण दुर्गा विसर्जन के बाद ही करते हैं। दुर्गा विसर्जन के दिन माता की मूर्तियों को समुद्र, नदी या जलाशय पर ले जाया जाता है और पूरे विधि से माता की प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया जाता है। जानिए इस साल दुर्गा विसर्जन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

दुर्गा विसर्जन शुभ मुहूर्त 2026

  • दुर्गा विसर्जन – 20 अक्टूबर 2026
  • दुर्गा विसर्जन मुहूर्त – 01:14 PM से 03:30 PM
  • दशमी तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 20, 2026 को 12:50 PM बजे
  • दशमी तिथि समाप्त – अक्टूबर 21, 2026 को 02:11 PM बजे
  • श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ – अक्टूबर 19, 2026 को 03:38 PM बजे
  • श्रवण नक्षत्र समाप्त – अक्टूबर 20, 2026 को 06:02 PM बजे

दुर्गा विसर्जन विधि और नियम

  • दुर्गा विसर्जन के दिन सबसे पहले माता की विधि विधान पूजा की जाती है।
  • विसर्जन से पहले देवी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाकर मां को प्रणाम करें।
  • माता को फूल, अक्षत, सिंदूर, लाल चुनरी और नारियल चढ़ाएं।
  • साथ ही हलवा, पूड़ी, खीर, नारियल और फल का भोग लगाएं।
  • माता रानी की आरती करें और उनसे पूजा में हुई भूल-चूक की क्षमा प्रार्थना करें।
  • फिर जल से भरा कलश लेकर देवी को विदा दें।
  • इसके बाद माता की प्रतिमा को जल में विसर्जित कर दें।
  • यदि आप घर के मंदिर में रखी गई प्रतिमा की ही पूजा कर रहे हैं तो ऐसे में आप उसी प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराकर वहीं पर माता की विदाई कर दें।
  • विसर्जन के समय देवी से प्रार्थना करें कि कि वे अगले वर्ष फिर से पधारें और सब पर कृपा बनाए रखें।

दुर्गा विसर्जन मंत्र

मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करते समय ये मंत्र बोलें:

  • “हे महान देवी, हे महान माया, हे देवताओं की रानी, ​​मैं तुम्हें नमस्कार करता हूं। यह सर्वविदित है कि आप सभी प्रकार से प्रसन्न और प्रसन्न हैं।
  • “जाओ, अगले स्थान पर जाओ, हे देवी, अपने निवास पर जाओ। तुम्हारी वापसी के लिए सारा सौभाग्य तुम्हारा हो।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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