धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। दीपावली से दो दिन पहले मनाए जाने वाले इस पर्व पर माता लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा का भी विशेष महत्व है। इस साल यह त्योहार 6 नवंबर को है। ऐसे में धनतेरस पर विधि-विधान से उनकी पूजा करने की परंपरा है। आइए जानते हैं धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा कैसे करें।
1. उत्तर दिशा में बनाएं पूजा स्थल
कुबेर देव की पूजा के लिए सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। घर की उत्तर दिशा में पूजा स्थल तैयार करें। एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान कुबेर की प्रतिमा, तस्वीर या कुबेर यंत्र स्थापित करें। यदि इनमें से कुछ उपलब्ध न हो, तो तिजोरी या गहनों के बक्से को प्रतीक मानकर पूजा कर सकते हैं। उस पर सिंदूर से स्वस्तिक बनाकर मौली बांधें।
2. गणेश पूजन से करें शुरुआत
पूजा की शुरुआत प्रथम पूज्य भगवान गणेश के ध्यान और पूजन से करें। इसके बाद हाथ में पुष्प लेकर भगवान कुबेर का ध्यान करें।
कुबेर ध्यान मंत्र:
मानव-बाह्य तल पर खड़े होकर,
गरुड़-रत्न-सदृश खज़ाना-नायक।
शिव-सखम मुकुटादि-विभूषितम्,
मैं वरदान-गदा धारण करने वाले टुण्डिला की पूजा करता हूँ।
3. कुबेर देव को अर्पित करें ये सामग्री
भगवान कुबेर की प्रतिमा, चित्र, चांदी के सिक्के या तिजोरी पर जल, चंदन, कुमकुम, सिंदूर, अक्षत और पुष्प अर्पित करें। इसके बाद “ॐ श्रीं कुबेराय नमः” मंत्र का 11 या 108 बार जाप करें। भगवान को मिठाई, फल और पंचामृत का भोग लगाएं। साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि का भी पूजन करें। पूजा के बाद आरती करें, प्रसाद बांटें और तिजोरी में एक सिक्का या कुबेर यंत्र स्थापित करें।
4. प्रदोष काल में जलाएं 13 दीपक
धनतेरस पर प्रदोष काल में धन के देवता कुबेर की पूजा का भी विधान बताया गया है। इस दौरान धन रखने के स्थान पर 13 दीपक जलाकर भगवान कुबेर का ध्यान करें।
5. सप्त धान्य और मिठाई करें अर्पित
इसके बाद सात प्रकार के अनाज यानी गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर अर्पित करें। इसके बाद पुष्प, अक्षत और धूप से दोनों का पूजन करें। भोग के लिए सफेद रंग की मिठाई का प्रयोग करना शुभ माना जाता है।
6. भगवान कुबेर का क्या है महत्व
भगवान कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं, उन्हें धन, वैभव, रत्न और समृद्धि का अधिपति माना जाता है। धनतेरस पर माता लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की आराधना करने की परंपरा है। मान्यता है कि धनतेरस पर विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख-संपन्नता बनी रहती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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