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4 नवंबर 2026 का पंचांग: बुधवार के दिन ब्रह्म योग और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का शुभ संयोग, नोट करें पूजा मुहूर्त और राहुकाल टाइम

Author: Ajay Kumar

Published: 03-11-2026, 1:20 PM

4 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि और बुधवार का दिन है। कल दशमी तिथि दोपहर पहले 11 बजकर 04 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। कल सुबह 8 बजकर 1 मिनट तक ब्रहम योग रहेगा, उसके बाद इंद्र योग लग जायेगा। साथ ही कल 4 नवंबर को देर रात 3 बजकर 30 मिनट तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र लग जायेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। इसके साथ ही यहां देखिए दिवाली 2026 का पूरा कैलेंडर।।

4 नवंबर 2026 का पंचांग

  • कार्तिक कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि – 4 नवंबर को दोपहर पहले 11 बजकर 04 मिनट तक
  • ब्रह्म योग- 4 नवंबर को सुबह 8 बजकर 1 मिनट तक
  • पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र- 4 नवंबर को देर रात 3 बजकर 30 मिनट तक

4 नवंबर 2026 शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:51 ए एम से 05:43 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:17 ए एम से 06:35 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
  • विजय मुहूर्त- 01:54 पी एम से 02:38 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 05:34 पी एम से 06:00 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 05:34 पी एम से 06:52 पी एम
  • अमृत काल- 09:05 पी एम से 10:41 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- दोपहर 12:05 से दोपहर 01:27 तक
  • मुंबई- दोपहर 12:22 से दोपहर 01:48 तक
  • चंडीगढ़- दोपहर 12:06 से दोपहर 0128 तक
  • लखनऊ- दोपहर पहले 11:50 से दोपहर 01:13 तक
  • भोपाल- दोपहर 12:04 से दोपहर 01:28 तक
  • कोलकाता- दोपहर पहले 11:20 से दोपहर 12:44 तक
  • अहमदाबाद- दोपहर 12:23 से दोपहर 01:47 तक
  • चेन्नई- दोपहर पहले 11:52 से दोपहर 01:20 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 06:35 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 05:34 बजे

कल के दिन की विशेष बात

कल ब्रह्म योग रहेगा, उसके बाद इंद्र योग लग जाएगा। इंद्र योग के दौरान सरकारी कामों में सफलता जरूर मिलती है। साथ ही कल देर रात पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। यह 27 नक्षत्रों में से ग्यारहवां नक्षत्र है। इसका प्रतीक चिह्न चारपाई की आगे वाली पैर को माना जाता है। इस नक्षत्र की राशि सिंह है। साथ ही ढाक (पलाश) का पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र से संबंध बताया गया है। इस नक्षत्र में जन्में लोगों को पलाश के वृक्ष को हानि नहीं पहुंचानी चाहिए। इसकी लकड़ियों, फूलों या उससे बनी किसी अन्य चीज को उपयोग में नहीं लेना चाहिए। इसके बजाय पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे लोगों को पलाश के पेड़ की पूजा करनी चाहिए।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

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