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Choti Diwali 2026: छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाना होता है शुभ? जानिए क्या रहेगा दीपक जलाने का समय

Author: Ajay Kumar

Published: 07-11-2026, 2:49 AM

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन कई घरों में घर की नाली के पास दीया जलाकर रखा जाता है। कहते हैं यह दीया मृत्यु के देवता यमराज के लिए जलाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दीये को जलाने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु का खतरा नहीं रहता। साथ ही नरक की यातनाओं से भी मुक्ति मिल जाती है। इसके अलावा इस दिन तेल मालिश करके स्नान करने की भी परंपरा है। पुराणों के अनुसार चतुर्दशी को लक्ष्मी जी तेल में और गंगा के जल में निवास करती हैं। इसी कारण से इस दिन तेल मालिश करते स्नान करने पर माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है। साथ ही इस दिन दीपक जलाने का भी विशेष महत्व माना जाता है। चलिए जानते हैं छोटी दीवाली यानी नरक चतुर्दशी पर कितने दीये जलाने चाहिए और दीपक जलाने का शुभ समय क्या रहेगा।

छोटी दिवाली पर दीये जलाने का समय 2026

छोटी दिवाली पर दीये जलाने का शुभ समय 7 नवंबर 2026 की शाम 05:32 से शुरू होकर रात 08:09 बजे तक रहेगा।

छोटी दिवाली पर कितने दीपक जलाएं?

वैसे तो छोटी दिवाली पर आप कितने भी दीपक जला सकते हैं। लेकिन कोशिश करें कि इस दिन कम से कम 14 दीये तो जरूर ही जलाएं। साथ ही एक दीपक यम के नाम का भी जलाएं।

छोटी दिवाली पर दीपक कहां-कहां जलाने चाहिए?

  1. मुख्य द्वार पर जलाएं
  2. पूजा स्थल पर जलाएं
  3. दक्षिण दिशा में जलाएं
  4. अध्ययन कक्ष में जलाएं
  5. कार्यस्थल पर जलाएं
  6. पवित्र वृक्ष के पास जलाएं
  7. घर के बाहर जलाएं
  8. रसोई घर में जलाएं
  9. घर के आंगन में जलाएं
  10. तुलसी के पास रखें
  11. घर की छत पर जलाएं
  12. खिड़कियों के पास रखें
  13. जल स्रोत के पास रखें
  14. अन्न भंडार के पास जलाएं

दीपदान करने के नियम

  • दीपक जलाने के लिए हमेशा मिट्टी के दीपक का उपयोग करें।
  • दीपदान प्रदोष काल में करें क्योंकि यह समय पूजा करने और दीपक जलाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
  • छोटी दिवाली पर एक दीपक मृत्यु के देवता यमराज के लिए भी जरूर जलाना चाहिए। यह दीपक या तो घर के मुख्य द्वार के बाहर रखना चाहिए या फिर नाली के पास।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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