प्रसिद्ध ऑटोमोबाइल्स अक्सर अपने शॉर्ट नेम्स (संक्षिप्त नाम) से जानी जाती हैं, जिससे उद्यमियों की जंप पर ये आसानी से चढ़ जाते हैं। भारतीय और वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में राज करने वाली तीन बड़ी कंपनियां- बीएमडब्ल्यू, टीवीएस और एमजी भी इसी रणनीति का हिस्सा हैं। सड़क पर सरपट दौड़ती इन कंपनियों की दुकानें हम रोज देखते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन छोटे से जंगलों के पीछे एक लंबा और बेहद दिलचस्प इतिहास छिपा है।
उदाहरण के लिए, जर्मनी की जेनेरिक कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू का पूरा नाम उसके मूल क्षेत्र का नाम है, जबकि भारत की जेनेरिक कार निर्माता कंपनी टीवीएस का नाम उसके संस्थापक के नाम पर आधारित है। वहीं, ब्रिटिश मूल की और अब वैश्विक पहचान बनाने वाली कंपनी एमजी का नाम उनके शुरुआती दौर की एक गैरेज वर्कशॉप से शुरू हुई है। आइए इन दिग्गज कंपनियों का पूरा नाम और उनकी यात्रा के बारे में करीब से जानते हैं।
बीएमडब्ल्यू (बावेरियन मोटर वर्कशॉप)
कार और स्पोर्ट्स बाइक के लिए दुनिया भर में मशहूर जर्मनी की इस कंपनी का पूरा नाम बायरिसचे मोटरन वर्के है, जिसे अंग्रेजी में बवेरियन मोटर वर्क्स (बावेरियन मोटर वर्क्स) कहा जाता है। इसकी शुरुआत साल 1916 में हुई थी और शुरुआत में इस कंपनी के 6 इंजन (एयरक्राफ्ट इंजन) बनाए गए थे।
प्रथम विश्व युद्ध के बाद कंपनी ने मोटरसाइकिल और गाड़ियों का निर्माण शुरू किया। ‘बावेरियन’ शब्द जर्मनी के बावरिया राज्य से लिया गया है, जहां इसका हेडक्वॉर्टर (मुनिख में) है। आज बीएमडब्ल्यू अपनी उन्नत इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग और प्रीमियम ड्राइविंग एक्सपीरियंस के लिए दुनिया भर के शौकीनों की पहली पसंद बनी हुई है।
टीवीएस (टीवी सुंदरम आयंगर एंड संस)
भारत की दिग्गज कंपनी टीवीएस का पूरा नाम इसके संस्थापक का नाम है, जो टीवी सुंदरम अयंगर एंड संस (टीवी सुंदरम अयंगर एंड संस) है। थिरुकुरंगुडी वेंगराम सुंदरम अयंगर ने वर्ष 1911 में मदुरै में मद्रास की पहली बस सेवा के साथ इस व्यवसाय की नींव रखी थी।
शुरुआत में यह कंपनी ट्रांसपोर्ट और ऑटोमोबाइल डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती थी, लेकिन बाद में खुद ही ऑटोमोबाइल बनाना शुरू हो गया। आज टीवीएस मोटर कंपनी भारत की तीसरी सबसे बड़ी टू-चाकर कंपनी है, जो मोपेड से लेकर अपाचे जैसी बेहतरीन स्पोर्ट्स बाइक और इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक बाइक्स को मैन्युफैक्चरिंग करके वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है।
एमजी (मॉरिस गैरेज)
भारतीय बाजार में हेक्टर (Hector) और कॉमेट (Comet) जैसी कंपनी के नाम से धूम मचाने वाली एमजी का पूरा नाम मॉरिस गैरेज (मॉरिस गैरेज) है। इस ब्रिटिश कार ब्रांड की शुरुआत साल 1924 में सेसिल किम्बर द्वारा ऑक्सफोर्ड में की गई थी। असल, ये नाम इसके मालिक विलियम मॉरिस के ‘मॉरिस गैरेजेस’ नाम के सेल्स और सर्विस सेंटर से इंस्पायर्ड था, जहां इन कारों को मोदीफाई करना शुरू किया गया था।
अपनी टू-डोर स्पोर्ट्स कारों के लिए मशहूर रही ये कंपनी समय के साथ कई बदलावों से गुजरी। वर्तमान में इसके स्वामित्व वाली चीनी ऑटोमोटिव दिग्गज SAIC मोटर के पास है, जो इसे टेलीकॉम टेक्नोलॉजी और खास तौर पर इलेक्ट्रिक सोसायटी के क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है।


