|

NewsLink360, Worlds No.1 News Portal

35

8 अक्टूबर 2026 का पंचांग: गुरुवार को मासिक शिवरात्रि व्रत और त्रयोदशी तिथि श्राद्ध, जानें शुभ-मुहूर्त और राहुकाल का समय

Author: Ajay Kumar

Published: 07-10-2026, 2:41 PM

गुरुवार के दिन आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। गुरुवार के दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत भी किया जाएगा और साथ ही त्रयोदशी तिथि को जो लोग दिवंगत हुए हैं उनका श्राद्ध भी होगा। इसके साथ ही गुरुवार के दिन शुक्ल योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र भी रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए गुरुवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

8 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 8 अक्टूबर 2026 को रात 10 बजकर 17 मिनट तक
  • शुक्ल योग- 8 अक्टूबर 2026 को रात 12 बजकर 59 मिनट तक
  • पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र- 8 अक्टूबर को रात 9 बजकर 21 मिनट तक
  • 8 अक्टूबर 2026 विशेष- त्रयोदशी तिथि श्राद्ध और मासिक शिवरात्रि व्रत

8 अक्टूबर 2026 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:53 ए एम से 05:42 ए एम तक
  • प्रातः सन्ध्या- 05:18 ए एम से 06:31 ए एम तक
  • अभिजीत मुहूर्त- 12:02 पी एम से 12:50 पी एम तक
  • विजय मुहूर्त- 02:24 पी एम से 03:12 पी एम तक
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:21 पी एम से 06:45 पी एम तक
  • कुतुप मुहूर्त – 11:45 ए एम से 12:32 पी एम तक

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- दोपहर 01:36 से दोपहर बाद 03:04 तक
  • मुंबई- दोपहर 01:55 से दोपहर बाद 03:24 तक
  • चंडीगढ़- दोपहर बाद 01:38 से दोपहर बाद 03:05 तक
  • लखनऊ- दोपहर 01:22 से दोपहर 02:50 तक
  • भोपाल- दोपहर 01:36 से दोपहर बाद 03:04 तक
  • कोलकाता- दोपहर 12:52 से दोपहर 02:21 तक
  • अहमदाबाद- दोपहर 01:55 से दोपहर बाद 03:23 तक
  • चेन्नई- दोपहर 01:26 से दोपहर 02:55 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 06:17 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 05:59 बजे

त्रियोदशी तिथि श्राद्ध एवं मासिक शिवरात्रि व्रत

त्रयोदशी तिथि के श्राद्ध से घर में सुख-समृद्धि आती है और दीर्घायु की प्राप्ति होती है। इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की और किसी भी पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुई हो। बात करें मासिक शिवरात्रि व्रत की तो इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति का पारिवारिक और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। इसके साथ ही इस व्रत का पालन करने वाले लोगों को योग्य जीवनसाथी की भी प्राप्ति होती है। इस दिन जो लोग व्रत न ले पाएं उन्हें भगवान शिव की मंत्रों का जप करना चाहिए। ऐसा करने से भी शिव कृपा भक्तों को प्राप्त होती है।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

ये भी पढ़ें-

पितृ अमावस्या पर करें 5 काम, पितरों के आशीर्वाद से सुधर सकता है जीवन, पितृदोष भी होगा दूर



Source link

Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

Leave a Comment

Plugin developed by ProSEOBlogger
WhatsApp
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free Ypl themes.
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes