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15 अक्टूबर 2026 का पंचांग: गुरुवार को होगा मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता का पूजन, नोट करें मुहूर्त और राहुकाल टाइम

Author: Ajay Kumar

Published: 14-10-2026, 2:11 PM

15 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और गुरुवार का दिन है। कल पंचमी तिथि देर रात 1 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। कल नवरात्र का पांचवां दिन है। वहीं, कल रात 9 बजकर 15 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा। साथ ही कल 15 अक्टूबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा कल ललिता पंचमी का व्रत भी किया जायेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए गुरुवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

15 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि – 15 अक्टूबर को देर रात 1 बजकर 26 मिनट तक
  • सौभाग्य योग- 15 अक्टूबर को रात 9 बजकर 15 मिनट तक
  • ज्येष्ठा नक्षत्र- 15 अक्टूबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक
  • 15 अक्टूबर विशेष- ललिता पंचमी व्रत, नवरात्र का पांचवां दिन

15 अक्टूबर 2026 शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:46 ए एम से 05:36 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:11 ए एम से 06:27 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 11:43 ए एम से 12:28 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 01:58 पी एम से 02:43 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 05:43 पी एम से 06:08 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 05:43 पी एम से 06:59 पी एम
  • अमृत काल- 03:50 पी एम से 05:24 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- दोपहर 01:33 से दोपहर 02:59 तक
  • मुंबई- दोपहर 01:52 से दोपहर बाद 03:20 तक
  • चंडीगढ़- दोपहर 01:34 से दोपहर बाद 03:00 तक
  • लखनऊ- दोपहर 01:19 से दोपहर 02:45 तक
  • भोपाल- दोपहर 01:33 से दोपहर बाद 03:00 तक
  • कोलकाता- दोपहर 12:50 से दोपहर 02:17 तक
  • अहमदाबाद- दोपहर 01:52 से दोपहर बाद 03:19 तक
  • चेन्नई- दोपहर 01:23 से दोपहर 02:52 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 06:27 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 05:43 बजे

कल के दिन की विशेष बात

शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद कुमार भी कहा जाता है। उनकी माता होने के कारण देवी दुर्गा के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। माता की प्रतिमा में बालरूप में स्कंद उनकी गोद में विराजमान रहते हैं। देवी स्कंदमाता का रंग पूरी तरह सफेद बताया गया है। मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर उसी तरह ममता और कृपा बरसाती हैं, जैसे एक मां अपने बच्चों का ध्यान रखती है।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

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