|

NewsLink360, Worlds No.1 News Portal

27

Dussehra 2026 Live: दशहरा की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और रावण दहन की टाइमिंग, जानें सबकुछ यहां

Author: Ajay Kumar

Published: 20-10-2026, 2:41 AM

हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार पूरे देशभर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार, इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है। विजयादशमी को महिषासुर नामक दानव पर देवी दुर्गा की विजय के रूप में भी मनाया जाता है। विजयादशमी को दशहरा अथवा दसरा के नाम से भी जाना जाता है। नेपाल में दशहरा को दशैं के रूप में मनाया जाता है। दशहरा के दिन शमी पूजा, अपराजिता पूजा भी किया जाता है। दशहरा के दिन भगवान राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण जी और बजरंगबली की पूजा-अर्चना करना अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। आज के दिन श्री राम की आराधना करने से घर-परिवार में सुख-समृ्द्धि का वास रहता है और खुशहाली, संपन्नता बनी रहती है। तो आइए जानते हैं दशहरा के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

दशहरा (विजयादशमी) 2026 पूजा का शुभ समय

पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा। दशमी तिथि समाप्त 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजे तक रहेगा।

दशहरा 2026 के दिन रावन दहन का मुहूर्त

दशहरा के दिन हर साल  रावण का पूतला जलाया जाता है, जिसे रावण दहन कहते हैं। आज यानी 20 अक्टूबर को सूर्यास्त के बाद रावण दहन किया जाएगा। 20 अक्टूबर  की शाम को सूर्यास्त के बाद लगभग शाम 05:45 बजे से रात 08:30 बजे के बीच देश के विभिन्न रामलीला मैदानों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। बता दें कि स्थानीय रामलीला मैदान समितियों के कार्यक्रमों के अनुसार भी पुतला दहन का समय निर्धारित होता है, इसलिए रावण दहन देखने जाने से पहले अपने शहर के आयोजन की सही जानकारी जरूर लें।

दशहरा पूजा विधि

  • दशहरा के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ-सुथरे शुभ रंगों वाले कपड़े पहने लें
  • इसके बाद पूजा स्थान पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें।
  • फिर विधि विधान भगवान की पूजा करें।
  • साथ ही मां दुर्गा का भी पूजन करें।
  • देवी-देवताओं को रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य चढ़ाएं।
  • इसके बाद हवन और आरती करें।
  • फिर पूजा के बाद सभी में प्रसाद बांट दें।
  • इसके बाद शाम में रावण दहन करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

विजयादशमी के दिन करें भगवान राम की आरती और चालीसा का पाठ, हर कार्य में मिलेगी सफलता और दूर होंगे सभी संकट



Source link

Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

Leave a Comment

Plugin developed by ProSEOBlogger
WhatsApp
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free Ypl themes.
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes