Dhanteras Puja Vidhi 2026: हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है। इस दिन धन के देवता भगवान कुबेर देव, धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से घर में पूरे साल सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। कुबेर देव और मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य में बरकत होती है। तो यहां जानिए घर पर धनतेरस की पूजा करने की सरल विधि।
धनतेरस पूजा सामग्री
- भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर देव की तस्वीर या मूर्ति
- पीतल या मिट्टी का नया कलश
- गंगाजल
- आम या अशोक के पत्ते
- रोली, कलावा, अक्षत (चावल), सुपारी, पान के पत्ते
- ताजे फूल और फूलों की माला
- फल
- मिठाई, खीर या बताशा
- साबुत धनिया
- नए खरीदे गए बर्तन या सोना-चांदी के आभूषण/सिक्के
- घी
- दीया
घर पर धनतेरस पूजा की स्टेप-बाय-स्टेप विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)
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प्रदोष काल यानी शाम शुरू होने से पहले स्नान कर के साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें।
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इसके बाद उत्तर या पूर्व दिशा की ओर एक चौकी रखें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
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चौकी पर मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि देव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
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एक तांबे या पीतल के कलश में जल और गंगाजल भरें। उसमें थोड़ा सा सिक्का और सुपारी डालें।
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कलश के ऊपर आम के पत्ते रखकर उस पर नारियल रखें।
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सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें।
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इसके बाद घी का दीपक जलाएं
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अब भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर जी को रोली, अक्षत फूल, माला और कलावा अर्पित करें।
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धनतेरस के दिन जो भी नई वस्तु (जैसे बर्तन, सोना-चांदी, झाड़ू या आभूषण) खरीदी हो उसे पूजा स्थल पर रखें और रोली-अक्षत लगाकर पूजा करें।
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लक्ष्मी जी, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि को मिठाई, फल का भोग लगाएं।
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माता लक्ष्मी और कुबेर देव की आरती करें।
धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त 2026
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा। प्रदोष काल शाम 5 बजकर 33 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। धनतेरस पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 2 मिनट से शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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