चंद्रमा 9 अक्टूबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे। चंद्रमा का यह गोचर सुबह 3 बजकर 18 मिनट पर होगा। कन्या राशि में प्रवेश करते ही चंद्रमा कुंभ राशि में बैठे राहु के साथ षडाष्टक योग बनाएंगे। ज्योतिष में इसे शुभ योग नहीं माना जाता। इस योग के चलते किन राशियों के जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और क्या उपाय इन राशियों के लिए शुभ साबित होंगे, आइए जानते हैं विस्तार से।
कर्क राशि
चंद्रमा आपकी ही राशि के स्वामी हैं और कन्या में गोचर के साथ ही आपके तृतीय भाव में होंगे। 9 अक्टूबर की सुबह चंद्रमा का राहु के साथ षडाष्टक योग बनाना आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। सेहत से जुड़ी परेशानियां इस राशि के कुछ जातकों को हो सकती हैं। खानपान का इस राशि वालों को विशेष ध्यान रखना होगा। ऑफिस में होने वाली राजनीति से आपको दूर रहने की जरूरत है नहीं तो गलत राय लोग आपके बारे में बना सकते हैं। किसी पर भी आवश्यकता से अधिक भरोसा करना आपको भारी पड़ सकता है। उपाय के तौर पर शिव चालीसा का पाठ आपको करना चाहिए।
तुला राशि
तुला राशि के लोगों षडाष्टक योग का बनना आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। पारिवारिक जीवन में चुनौतियों का सामना आपको करना पड़ सकता है। माता-पिता के साथ ही किसी बात को लेकर बहसबाजी हो सकती है। आर्थिक रूप से भी आप खुद को कमजोर पा सकते हैं। किसी से उधार लिया था तो वो वापस मांग सकता है। सामाजिक स्तर पर भी इस राशि के लोगों को संयमित रहने की आवश्यकता होगी। उपाय के तौर पर आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
मीन राशि
मीन राशि वालों चंद्रमा और राहु का षडाष्टक योग आपके लिए शुभ नहीं कहा जा सकता। कुछ लोगों के बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं जिसके कारण आप निराश हो सकते हैं। कारोबारियों को कोई भी नया काम इस दौरान बिना सलाह के शुरू नहीं करना चाहिए, घाटा हो सकता है। वाहन चलाते समय आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यात्राओं के दौरान आपको कीमती सामान की सुरक्षा करनी चाहिए। उपाय के तौर पर मीन राशि के जातकों को विष्णु भगवान की आराधना करनी चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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