खूबसूरत बढ़ाने के लिए घर में तरह-तरह की सजावटी चीजें रखी जाती हैं। इनमें लाफिंग बुद्धा की मूर्ति काफी लोकप्रिय है। वास्तु शास्त्र में इसे सुख, समृद्धि और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। अगर आपके घर में भी लाफिंग बुद्धा है या रखने की सोच रहे हैं, तो इसकी जगह से जुड़े इन सही नियम पता होना चाहिए। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए लाफिंग बुद्धा के सही स्थान और दिशा से जुड़े वास्तु नियम।
- मुख्य द्वार के पास रखें: लाफिंग बुद्धा को घर के मुख्य दरवाजे के पास रखना अच्छा माना जाता है। इसे बिल्कुल फर्श पर या दरवाजे के सामने रखने के बजाय किसी साफ और उचित ऊंचाई वाली जगह पर रखना बेहतर माना जाता है। मान्यता है कि घर में प्रवेश करते समय मुस्कुराती हुई प्रतिमा सकारात्मक माहौल का एहसास कराती है।
- ड्राइंग रूम: घर के ड्राइंग रूम में भी लाफिंग बुद्धा रखा जा सकता है। इसे साफ टेबल, कैबिनेट या शेल्फ पर रखना उचित माना जाता है। ध्यान रखें कि मूर्ति के आसपास अनावश्यक सामान न रखा हो। साफ-सुथरी जगह पर रखने से यह घर की सजावट को भी बेहतर लुक देता है और वास्तु मान्यताओं के अनुसार सकारात्मक वातावरण से जोड़ा जाता है।
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फर्श पर न रखें: लाफिंग बुद्धा को सीधे जमीन या फर्श पर रखना वास्तु मान्यताओं में उचित नहीं माना जाता। इसे किसी साफ टेबल, स्टैंड या कैबिनेट जैसी ऊंची जगह पर रखना बेहतर माना जाता है। इससे मूर्ति स्पष्ट रूप से दिखाई भी देती है और आसपास की जगह व्यवस्थित बनी रहती है।
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बेडरूम में रखने से बचें: वास्तु अनुसार, लाफिंग बुद्धा को बेडरूम की बजाय घर के कॉमन एरिया में रखना बेहतर विकल्प है। बेडरूम आराम और निजी समय के लिए होता है, इसलिए यहां ऐसी सजावटी प्रतिमा रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
ऑफिस में रखें ऐसी मूर्ति
अगर कारोबार में लगातार परेशानी आ रही हो या आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा हो, तो इनपुट के अनुसार ऑफिस या दुकान में दोनों हाथ ऊपर उठाए हुए लाफिंग बुद्धा रखने की मान्यता बताई गई है। इसे व्यापार में सफलता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, यह वास्तु संबंधी मान्यता है, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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