अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि सीबीआई ने एलआईसी को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने के लिए रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), समूह के पूर्व अधिकारियों और भारतीय जीवन बीमा निगम के पूर्व मुख्य निवेश अधिकारी के खिलाफ 3,750 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोप पत्र दायर किया है।
केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, अब तक की सीबीआई जांच से पता चला है कि 2012 में, एलआईसी ने गंभीर गलत बयानी के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा जारी किए गए ₹1,500 करोड़ के एनसीडी की सदस्यता ली थी।
मुंबई में एक विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष दायर अपने आरोप पत्र में, एजेंसी ने “रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस एडीए समूह के दो अधिकारियों, अर्थात् अमिताभ झुनझुनवाला, समूह के एमडी, विश्वास जोशी, सीनियर वीपी, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और पी. वेणुगोपाल, तत्कालीन मुख्य निवेश अधिकारी, एलआईसी” को आरोपी के रूप में नामित किया है।
प्रवक्ता ने कहा, “चारों आरोपियों पर आईपीसी के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है।”
एजेंसी ने कहा कि अन्य आरोपी व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने और अन्य आरोपों की जांच के लिए आगे की जांच जारी है।
प्रवक्ता ने कहा, “एनसीडी सदस्यता के माध्यम से प्राप्त धनराशि को एडीए समूह की कंपनियों में भेज दिया गया, जिससे एलआईसी को गलत नुकसान हुआ और आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं को गलत लाभ हुआ।”


