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Dhanteras 2026 Date: 6 या 7 नवंबर, कब है धनतेरस? नोट करें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय

Author: Ajay Kumar

Published: 02-11-2026, 3:46 AM

धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दिवाली महापर्व की शुरुआत हो जाती है, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पवित्र दिन पर आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वन्तरि का अवतरण हुआ था, इसलिए इसे धन्वन्तरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। खास बात यह है कि इस दिन आरोग्य के देवता धन्वन्तरि के साथ-साथ मृत्यु के देवता यमराज की भी पूजा का विधान है। इस दिन घर के मुख्य द्वार पर यमराज के निमित्त दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपक कहा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के किसी भी सदस्य की अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। आइए जानते हैं कि इस साल धनतेरस का यह पावन पर्व किस तारीख को मनाया जाएगा और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

धनतेरस 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त









धनतेरस कब है 2026 6 नवंबर 2026, शुक्रवार
धनतेरस पूजा मुहूर्त 06:02 अपराह्न से 07:57 अपराह्न तक
प्रदोष काल 05:33 अपराह्न से 08:09 अपराह्न तक
वृषभ काल 06:02 अपराह्न से 07:57 अपराह्न तक
तेरहवीं तिथि का आरंभ 06 नवंबर  2026 को 10:30 AM बजे
तेरहवीं तिथि समाप्त 07 नवंबर 2026 को 10:47 AM बजे

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त 2026

धनतेरस के दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त 6 नवंबर की सुबह 10:30 से 7 नवंबर की सुबह 06:37 बजे तक रहेगा।

धनतेरस पर खरीदारी के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त

  • प्रातःकाल का मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – प्रातः 10:30 से प्रातः 10:43 तक
  • अपराह्न मुहूर्त (चर) – 04:11 PM से 05:33 PM
  • अपराह्न मुहूर्त (शुभ) – 12:05 PM से 01:27 PM
  • रात्रि मुहूर्त (लाभ)- 08:49 PM से 10:27 PM तक
  • रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) – 12:05 AM से 04:59 AM, नवम्बर 07

धनतेरस का पर्व कैसे मनाया जाता है?

  • धनतेरस पर मां लक्ष्मी, कुबेर देवता और धन्वंतरि देव की षोडशोपचार पूजा का विधान है।
  • इस दिन पीतल और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा है। मान्यता है इस दिन बर्तन खरीदने से धन समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • इसके अलावा यह दिन सोने की खरीदारी के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • इस दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीये जलाए जाते हैं।
  • इसके अलावा शाम के समय एक दीपक मृत्यु के देवता यमराज के लिए भी जलाया जाता है।

धनतेरस क्यों मनाया जाता है?

कहा जाता है कि धनतेरस के दिन ही धन्वंतरि देव समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए धनतेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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