दिवाली के त्योहार को दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। यह कोई एक दिवसीय त्योहार नहीं है बल्कि पूरे 5 दिनों तक चलने वाला महापर्व है। इस पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन लोग माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं। साथ ही यह दिन बर्तनों और गहनों की खरीदारी के लिए भी शुभ माना जाता है। फिर दूसरे दिन नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली मनाई जाती है। इसके बाद तीसरे दिन बड़ी दिवाली यानी लक्ष्मी पूजा का पावन पर्व मनाया जाता है। चौथे दिन गोवर्धन पूजा तो पांचवें दिन भाई दूज मनाई जाती है। चलिए जानते हैं दिवाली का कौन सा त्योहार किस दिन पड़ रहा है।
दिवाली कैलेंडर 2026
| तारीख | त्योहार |
| 6 नवंबर 2026, शुक्रवार | धनतेरस, यम दीपम |
| 7 नवंबर 2026, शुक्रवार | काली चौदस, हनुमान पूजा |
| 8 नवंबर 2026, शुक्रवार | दिवाली, लक्ष्मी पूजा, नरक चतुर्दशी, चोपड़ा पूजा, शारदा पूजा और काली पूजा |
| 9 नवंबर 2026, शुक्रवार | कार्तिक अमावस्या |
| 10 नवंबर 2026, शुक्रवार | गोवर्धन पूजा, अन्नकूट |
| 11 नवंबर 2026, शुक्रवार | भाई दूज |
धनतेरस पूजा मुहूर्त 2026
6 नवंबर 2026 को धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:02 से 07:57 बजे तक रहेगा। इस दिन प्रदोष काल 05:33 PM से 08:09 PM तक रहेगा।
काली चौदस मुहूर्त 2026
7 नवंबर 2026 को काली चौदस का शुभ मुहूर्त रात 11:39 से 12:31 बजे तक रहेगा।
हनुमान पूजा मुहूर्त 2026
7 नवंबर 2026 को हनुमान पूजा मुहूर्त रात 11:39 से 12:31 बजे तक रहेगा।
लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 2026
8 नवंबर 2026 को लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 05:54 PM से 07:50 PM तक रहेगा।
नरक चतुर्दशी मुहूर्त 2026
नरक चतुर्दशी पर अभ्यङ्ग स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। जिसका शुभ मुहूर्त 8 नवंबर 2026 की सुबह 05:41 से 06:38 बजे तक रहेगा।
दिवाली चोपड़ा पूजा शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- प्रातःकाल का मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – 11:27 AM से 12:05 PM तक
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) – 01:26 PM से 02:48 PM
- सायंकाल मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) – सायं 05:31 बजे से रात्रि 10:27 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) – 01:43 AM से 03:22 AM, नवंबर
- उषाकाल मुहूर्त (शुभ) – 05:00 AM से 06:39 AM, नवम्बर 09
गोवर्धन पूजा मुहूर्त 2026
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त 10 नवंबर की सुबह 06:40 से 08:50 बजे तक रहेगा।
भाई दूज मुहूर्त 2026
11 नवंबर 2026 को भाई दूज पूजा का मुहूर्त दोपहर 01:10 से 03:20 बजे तक रहेगा।
यह भी पढ़ें:
अहोई अष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा 1 या 2 नवंबर? नोट कर लें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और महत्व


