|

NewsLink360, Worlds No.1 News Portal

25

नवरात्रि के दूसरे दिन करें ये उपाय, मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से दूर होगी हर परेशानी, खुशियों से भर जाएगी झोली

Author: Ajay Kumar

Published: 11-10-2026, 2:43 PM

सोमवार को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन माता दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है। सफेद वस्त्र धारण किये हुए मां ब्रह्मचारिणी के दो हाथों में से दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल है। इनकी पूजा से व्यक्ति के अंदर जप-तप की शक्ति बढ़ती है। मां ब्रह्मचारिणी अपने भक्तों को संदेश देती हैं कि परिश्रम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। वही अगर आपके  जीवन से परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं तो नवरात्रि के दूसरे दिन इन उपायों को जरूर आजमाएं।

– अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बहुत ही मेधावी, होनहार, इंटेलिजेंट और कार्यकुशल हो, तो नवरात्रि के दूसरे दिन आपको थोड़ी-सी मिश्री लेकर उस पर 108 बार यानि एक माता इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ मंत्र जप के बाद उस मिश्री को अपने बच्चे को खिला दें और नवरात्रि के दूसरे दिन से सात दिन तक लगातार ऐसा ही करें।

– अगर आप अपने दांपत्य जीवन में परस्पर प्रेम और सहयोग बनाए रखना चाहते हैं, तो लाल या काले गुंजा के पांच दाने लेकर उसे एक मिट्टी के बर्तन अथवा मिट्टी के दिये में शहद भरकर उसमें डुबो कर सुरक्षित रख दें। ध्यान रहे जो भी यह उपाय कर रहा हो वह अपने जीवनसाथी का नाम अवश्य ही लेता रहे। इस उपाय को अपने जीवनसाथी या किसी को भी ना बताये।

– अगर आपकी कुंडली में मांगलिक समस्या है और उसके चलते आपको अपने लिये शादी का कोई अच्छा रिश्ता नहीं मिल पा रहा है, तो आपको नवरात्रि के दूसरे दिन नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का आशीर्वाद पाकर सिद्ध किया हुआ मंगल यंत्र धारण करना चाहिए।

– अगर आप अपने सुख-सौभाग्य में वृद्धि करना चाहते हैं साथ ही जीवनसाथी के साथ रिश्ते को बेहतर बनाये रखना चाहते हैं, तो नवरात्रि के दूसरे दिन आपको भगवान शिव और माता गौरी की विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए। साथ ही इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- ऊँ शं शंकराय भवोद्भवाय शं ऊँ नमः।

– अगर आपके घर में धन की कमी रहती हो, कमाई के बाद भी पर्याप्त धन नहीं बचता हो तो नवरात्रि के दूसरे दिन स्नान आदि के बाद एक साबुत फिटकरी का टुकड़ा जो कम से कम 50 ग्राम का हो काले कपड़े में सिलकर घर या ऑफिस के मुख्य द्वार पर टांग दें। अगर फिटकरी टाँगना संभव ना हो तो फिटकरी को घर में ही काले कपड़े में लपेटकर रख दें।

– अगर आप अपने करियर मे तरक्की करना चाहते है तो नवरात्रि के दूसरे दिन थोड़ा सा कच्चा सूत लेकर उसे केसर से रंग लें, इस रंगे हुए सूत को अपने व्यापार स्थल में बांध लें और नौकरी करने वाले इसे अपनी अलमारी, दराज, मेज कहीं भी रख सकते हैं।

– अगर आप अपना मनोबल बढ़ाना चाहते हैं, अपनी ऊर्जा में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो नवरात्रि के दूसरे दिन आपको मां ब्रह्मचारिणी के चरणों में 3 मुखी रुद्राक्ष रखकर, उसकी विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए और उसे धारण करना चाहिए।

– अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चों को उत्तम विद्या की प्राप्ति हो, तो नवरात्रि के दूसरे दिन आपको चमेली या किसी अन्य सफेद फूल के साथ ही 6 लौंग और एक कपूर लेकर देवी मां के सामने आहुति देनी चाहिए और आहुति देते समय इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- या देवी सर्वभूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

– अगर आप जीवन के किसी क्षेत्र में सफलता हासिल करना चाहते हैं, अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो नवरात्रि के दूसरे दिन आपको देवी ब्रह्मचारिणी के इस मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। देवी मां का मंत्र इस प्रकार है- दधानां कर पद्माभ्यां अक्षमाला कमण्डलुम्। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिणीः अत्युत्तमा॥ इस प्रकार जप के बाद देवी मां को पुष्पांजलि अर्पित करें।

– अगर आप अपना ज्ञान बढ़ाना चाहते हैं और अपनी अशांत जिंदगी में थोड़ी शांति पाना चाहते हैं तो आपको नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। देवी मां का स्तोत्र इस प्रकार है: मैं ब्रह्मा के रूप में पृथ्वी और ब्रह्मा के पथिक को प्रणाम करता हूं। हे शंकर, प्रिय, आप भोग और मुक्ति के दाता हैं। मैं उनको प्रणाम करता हूं जो शांति प्रदान करती हैं, ज्ञान प्रदान करती हैं और ब्रह्मचर्य का पालन करती हैं।

– अगर आपने किसी से कर्ज़ ले रखा है और बहुत कोशिशों के बाद भी वह नहीं उतर रहा है तो नवरात्रि के दूसरे दिन माता की पूजा के समय सवा किलो साबुत लाल मसूर, लाल कपड़े में बांधकर अपने सामने रख दें और फिर घी का दीपक जलाकर माता के इस मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- दधानां कर पद्माभ्यां अक्षमाला कमण्डलुम्। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिणीः अत्युत्तमा॥ पूजा समाप्त होने के पश्चात मसूर को अपने ऊपर से 7 बार उसार कर किसी भी सफाई कर्मचारी को दान में दे दें।

– अगर आप चाहते हैं कि आपकी संतान बहुत जल्दी तरक्की के शिखर पर पहुंच जाये, तो नवरात्रि के दूसरे दिन सात दालों का चूरा बनाकर। उन पर इस मंत्र का ग्यारह सौ बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- या देवी सर्वभूतेशु विद्यारूपेण संस्तिथा नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। इसके बाद बच्चे के हाथ से स्पर्श कराकर किसी पेड़ की जड़ में रखे या चिड़िया को खिलाएं।



Source link

Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

Leave a Comment

Plugin developed by ProSEOBlogger
WhatsApp
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free Ypl themes.
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes