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31 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शनिवार को सिद्ध योग और पुनर्वसु नक्षत्र में स्कंद षष्ठी का शुभ संयोग, नोट करें पूजा मुहूर्त और राहुकाल टाइम

Author: Ajay Kumar

Published: 30-10-2026, 2:40 PM

31 अक्टूबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और शनिवार का दिन है। कल षष्ठी तिथि शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। कल शाम 5 बजकर 32 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा। साथ ही कल 31 अक्टूबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 5 बजकर 40 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शनिवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

31 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • कार्तिक कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि – 31 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 58 मिनट तक
  • सिद्ध योग – 31 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 32 मिनट तक
  • पुनर्वसु नक्षत्र- 31 अक्टूबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 5 बजकर 40 मिनट तक
  • 31 अक्टूबर विशेष- स्कन्द षष्ठी व्रत

31 अक्टूबर 2026 शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:58 ए एम से 05:48 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:23 ए एम से 06:38 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 11:59 ए एम से 12:45 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:16 पी एम से 03:02 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:06 पी एम से 06:31 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 06:06 पी एम से 07:21 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 09:19 से सुबह 10:42 तक
  • मुंबई- सुबह 09:30 से सुबह 10:56 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 09:22 से सुबह 10:44 तक
  • लखनऊ- सुबह 09:03 से सुबह 10:26 तक
  • भोपाल- सुबह 09:14 से सुबह 10:39 तक
  • कोलकाता- सुबह 08:30 से सुबह 09:55 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 09:33 से सुबह 10:58 तक
  • चेन्नई- सुबह 08:58 से सुबह 10:25 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 06:38 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 06:06 बजे

स्कंद षष्ठी

स्कंद षष्ठी को कुमार षष्ठी और संतान षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। स्कंद षष्ठी के अवसर पर मंदिरों में शिव-पार्वती की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन स्कंद देव कार्तिकेय की स्थापना करके उनकी भी पूजा की जाती है और अखंड दीपक जलाए जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि यह व्रत विधिपूर्वक करने से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है। अगर पहले से संतान है और उसे किसी प्रकार का कष्ट या स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो यह व्रत संतान को इन सबसे बचाने में सहायता करता है। साथ ही कहते हैं कि स्कंद माता कुमार कार्तिकेय के पूजन से जितनी प्रसन्न होती हैं, उतनी वे स्वयं के पूजन से भी नहीं होती हैं।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.31 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

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