17 अक्टूबर को त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। इस दिन सूर्य तुला राशि में गोचर करेंगे और 16 नवंबर तक यहीं रहेंगे। तुला राशि में शुक्र और बुध पहले से विराजमान हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति से यहां पहले से लक्ष्मी राजयोग बना हुआ है। वहीं सूर्य जब तुला में प्रवेश करेंगे तो बुध के साथ मिलकर बुधादित्य और शुक्र के साथ शुक्रादित्य राजयोग का निर्माण होगा। ग्रहों की युति का ये दुर्लभ संयोग इन तीन राशि वालों के लिए अत्यंत ही लाभकारी रहने वाला है। इन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा और साथ ही कारोबार में भी वृद्धि होगी। तो आइए यहां जानते हैं वो लकी राशियां कौनसी हैं।
सिंह राशि
17 अक्टूबर को बनने वाला त्रिग्रही योग सिंह राशि वालों के लिए लाभकारी रहेगा। कारोबार में जबरदस्त मुनाफा मिलेगा कोई अच्छी डील फाइनल हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों के पद प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। आय में बढ़ोतरी के भी प्रबल योग बना हुआ है। कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। काफी लंबे समय से अटका हुआ पैसा भी वापस मिल सकता है।
तुला राशि
त्रिग्रही योग के शुभ प्रभाव से तुला राशि वालों के जीवन में खुशियों का आगमन होगा। व्यापार में बड़ी सफलता और कोई महत्वपूर्ण डील फाइनल होने के योग हैं। आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी। समाज में भी मान-सम्मान बढ़ेगा। घर-परिवार में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहेगी। छात्रों को परीक्षा में मनमुताबिक परिणाम मिल सकता है।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए यह योग फायदेमंद रहेगा। बिजनेस में जबरदस्त मुनाफा होगा। कारोबार में विस्तार भी हो सकता है। पैतृक संपत्ति से लाभ मिलेगा। करियर में नए अवसर प्राप्त होंगे। वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। वहीं अटका हुआ धन वापस मिल सकता है।नया कारोबार या कोई नया काम शुरू करने के लिए भी यह समय उत्तम रहेगा।
सूर्य गोचर 2026
17 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजकर 50 मिनट पर सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद सूर्य 16 नवंबर को शाम 7 बजकर 42 मिनट तक तुला
राशि में ही गोचर करते रहेंगे, उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बता दें कि जिस दिन सूर्यदेव किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उस दिन सूर्य की संक्रांति होती है। तो 17 अक्टूबर को सूर्य की तुला संक्रांति भी रहेगा। मालूम हो कि सूर्य देव लगभग 30 दिनों के अंतराल पर एक-एक करके सभी बारह राशियों में गोचर करते हैं। ये चक्र मेष राशि से शुरू होकर मीन राशि तक चलता है और फिर मेष राशि से दोबारा शुरू हो जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:


