|

NewsLink360, Worlds No.1 News Portal

31

साल 2026 में भूत चतुर्दशी कब है? नोट कर लें सही डेट और पूजा का शुभ समय

Author: Ajay Kumar

Published: 05-11-2026, 7:04 AM

भूत चतुर्दशी का पर्व मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, बिहार के साथ पूर्वी भारत के कुछ स्थानों पर मनाया जाता है। भूत चतुर्दशी की रात में देवी काली, यमराज, चामुंडा देवी, भगवान शिव के साथ ही पूर्वजों की पूजा करने का भी विधान है। माना जाता है कि भूत चतुर्दशी की रात में नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं। ऐसे में देवी काली, भगवान शिव आदि की पूजा करने से और दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर हो सकती है इसलिए भूत चतुर्दशी के दिन 14 दीपक जलाए जाते हैं। 14 दीपक जलाने के पीछे यह मान्यता भी है कि 14 दीपकों को जलाने से 14 पीढ़ी के पूर्वजों की आत्मा शांत होती है और जीवन में सुखद फल आपको मिल सकते हैं। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि साल 2026 में भूत चतुर्दशी कब है और इस दिन पूजा का शुभ समय कब रहेगा।

भूत चतुर्दशी 2026

भूत चतुर्दशी हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है यानि दीपावली से एक दिन पहले। साल 2026 में कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होगी, वहीं चतुर्दशी तिथि का समापन 8 तारीख को सुबह 11 बजकर 29 मिनट पर होगा। ऐसे में रात्रि कालीन चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को ही है और इसीलिए भूत चतुर्दशी 7 नवंबर को ही मनाई जाएगी।

भूत चतुर्दशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त

पूजा का शुभ मुहूर्त- शाम 5 बजकर 33 मिनट से रात्रि 7 बजकर 56 मिनट तक

भूत चतुर्दशी के दिन भगवान शिव, माता काली, चामुंडा देवी, यमराज और पितरों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन हमारी 14 पीढ़ियों पहले तक के पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं। इसीलिए इस दिन 14 दीपकों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। यह चौदह दीपक मुख्य द्वार के साथ ही पूजा घर, घर की दक्षिण दिशा आदि में जलाए जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार यह 14 दीपक हमारी चौदह पीढ़ियों तक के पितरों को प्रसन्न करते हैं और साथ ही नकारात्मकता से भी हमको बचाते हैं। इसके साथ ही देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी भूत-चतुर्दशी पर दीपक जलाने से प्राप्त होता है।पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ स्थानों में मनाई जाने वाली भूत चतुर्दशी देश के अलग-अलग राज्यों में अलग नामों से जानी जाती है। भूत चतुर्दशी को छोटी दीपावलीकाली चौदस, नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

दीपावली से जुड़े ये 4 सपने माने जाते हैं बेहद शुभ, सुख-समृद्धि और करियर में तरक्की का देते हैं संकेत



Source link

Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

Leave a Comment

Plugin developed by ProSEOBlogger
WhatsApp
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free Ypl themes.
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes