|

NewsLink360, Worlds No.1 News Portal

34

बृहस्पति पर्वत पर तारे का चिह्न होने से चमकता है भाग्य का सितारा, क्या आपकी हथेली पर भी है ये Lucky Sign

Author: Ajay Kumar

Published: 08-10-2026, 2:14 PM

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं के साथ-साथ अलग-अलग चिह्नों का भी खास महत्व माना जाता है। इन्हीं में से एक है तारे का निशान, जिसे कुछ विशेष स्थानों पर शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। करियर में आगे बढ़ने और अपनी अलग पहचान बनाने के लिहाज से भी इस चिह्न को महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं हथेली में गुरु पर्वत कहां होता है और यहां तारे का निशान होने का क्या अर्थ बताया गया है।

कहां स्थित होता है गुरु पर्वत?

हथेली में तर्जनी उंगली यानी अंगूठे के पास वाली उंगली के ठीक नीचे के उभरे हुए हिस्से को गुरु पर्वत कहा जाता है। हस्तरेखा शास्त्र में इसका संबंध मान-सम्मान, महत्वाकांक्षा, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है। इस पर्वत की बनावट और यहां मौजूद चिह्नों के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव और जीवन से जुड़ी कुछ मान्यताएं बताई जाती हैं।

तारे का निशान क्यों माना जाता है खास?

हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक, गुरु पर्वत पर बना तारे का चिह्न हर स्थिति में एक जैसा फल नहीं देता। मान्यता है कि अगर हथेली में तारे का चिह्न गुरु पर्वत पर हो और यह पर्वत अच्छी तरह उभरा हुआ हो, तो व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा मिल सकती है। ऐसी मान्यता है कि व्यक्ति को समाज में सम्मान मिल सकता है और उसकी महत्वाकांक्षाएं पूरी होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे लोग मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं।

स्थान बदलने से बदल जाता है अर्थ

अगर तारे का चिह्न गुरु पर्वत के ऊपरी हिस्से के बजाय तर्जनी उंगली के नीचे किनारे की ओर हो, तो इसकी व्याख्या अलग की जाती है। हस्तरेखा की मान्यताओं के अनुसार, ऐसा व्यक्ति प्रभावशाली और प्रतिष्ठित लोगों के संपर्क में आ सकता है, लेकिन खुद बहुत ऊंचा पद हासिल करने में उसे कठिनाई हो सकती है। हालांकि, हथेली में मौजूद दूसरी रेखाओं और चिह्नों को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

दूसरी रेखाओं का भी होता है महत्व

हस्तरेखा शास्त्र में केवल एक चिह्न देखकर किसी के भविष्य के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जाता। गुरु पर्वत पर तारे के निशान के साथ भाग्य रेखा, सूर्य रेखा और अन्य चिह्नों की स्थिति भी देखी जाती है। इसलिए किसी एक निशान को सफलता की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: 9 अक्टूबर की सुबह चंद्रमा और राहु के बीच बनेगा घातक षडाष्टक योग, 3 राशियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां, रहें सतर्क



Source link

Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

Leave a Comment

Plugin developed by ProSEOBlogger
WhatsApp
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free Ypl themes.
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes