भारत में डीप का सीजन अपने साथ चिलचिलाती गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन डौपहिया गाड़ियों के लिए कई सीक्वेंस भी जारी कर देता है। सड़क, बाइक या बाइक की विजिबिलिटी कम होने से खतरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में सड़क पर नाव से बचने और सुरक्षित यात्रा करने के लिए अपने वाहनों की सही देखभाल और ड्राइविंग में कुछ जरूरी बदलाव करना बेहद जरूरी है।
अगर आप इस बारिश के मौसम में बिना परेशानी के अपनी बाइक या गाड़ी चलाना चाहते हैं, तो आपको कुछ बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही टॉप टू के टिप्स- कोच और ड्राइविंग टिप्स, जो इस सुहाना सीजन में आपकी यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदायक बना देंगे।
1. टायरों की पकड़ और लचीलेपन की जाँच करें
डिफॉल्ट में सड़क और टायर के बीच घर्षण (घर्षण) कम हो जाता है, जिससे गाड़ी खरीदने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सबसे पहले अपने वाहनों के टायरों के धागे (ट्रेड) की गहराई जांचें, ये कम से कम 2-3 मिमी होनी चाहिए ताकि पानी आसानी से बाहर निकल सके। अगर टायर घिसे हुए हैं, तो उन्हें तुरंत बदल दें। इसके अलावा, बारिश के दिनों में टायरों की मात्रा सामान्य से 1-2 पीएसआई कम रखनी चाहिए। इससे टायर का सड़क से संपर्क क्षेत्र (संपर्क पैच) बढ़ जाता है, जिससे दो सड़कों पर भी आपको बेहतर पकड़ और नियंत्रण मिलता है।
2. ब्रेकिंग सिस्टम को मॉनिटर और मॉनिटर करते रहें
औद्योगिक उद्यमों में वाहनों की ब्रेकिंग डिस्टेंस (रुकने की दूरी) बढ़ती है, इसलिए ब्रेक का सही काम करना बेहद जरूरी है। ब्रेक पैड, केबल और ब्रेक ऑयल की अच्छी तरह से जांच करवा लें। गाड़ी के समय में कभी भी अचानक से तेज ब्रेक (हार्ड ब्रेकिंग) नहीं लग सकता है, क्योंकि इससे पहिए लॉक हो सकते हैं और गाड़ी स्किड हो सकती है। हमेशा प्रोग्रेसिव ब्रेकिंग का प्रयोग करें, यानि दोनों ब्रेक्स (अगले और पिछले) को एक साथ धीरे-धीरे-धीरे और एक के साथ शुरू करें।
3. आर्किटेक्चर किराये और सुरक्षित दूरी
पानी से भरी सड़कों पर स्पीड लिमिट से भी कम सचिवालय में, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपको संभलने का पूरा समय मिल सके। अपने आगे चल रहे वाहनों से आम दिनों के कारखाने की दूरी (सुरक्षित अनुवर्ती दूरी) अलग रखें। ऐसा करने से यदि आगे वाला वाहन अचानक टूट जाता है या भागने के लिए मजबूर हो जाता है, तो आप सुरक्षित रूप से अपनी गाड़ी लेकर निकल पड़ते हैं।
4. विजिबलिटी और सही गियर चुनें
भारी बारिश और धुंध के कारण सड़क पर दृश्यता (दृश्यता) काफी मुश्किल हो जाती है। इससे बचने के लिए एक दिन में भी अपनी हेडलाइट को लो-बीम पर चालू रखें ताकि सामने और पीछे से आने वाले मोहल्ले को आप साफ नजर और आरामदायक स्थिति में रखें। हमेशा साफ वाइजर वाले फुल-फेस वेल्क्रो का प्रयोग करें और एंटी-फॉग स्प्रे का प्रयोग करें ताकि सांस लेने पर कांच पर धुआं न जमे। साथ ही, क्रोमैटो या रिफ्लेक्सिव अमूर्त वाले रेनकोट झील, जो दूर से ही चमकते हैं।
5. बांड और बांड से बचकर निकलें
विभिन्न प्रकार के पानी के नीचे गहरे नाले या खुले मैनहोल दोस्त हैं, इसका आकार नामुमकिन होता है। इसलिए अनायास पानी से अस्थायी पर जाने से इनकार। अगर पानी से रियाया ही पड़े, तो सबसे पहले गियर में स्टेबल रेस्ट डेक धीरे-धीरे निकलें, ताकि साइलेंसर में पानी न घुसे और इंजन बंद न हो। सड़क के ढलान पर उथल-पुथल से बचाव होता है क्योंकि वहां पानी और समुद्र तट पर विशाल जल जमाव होता है और जमीन पर पानी का जमाव होता है।


