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नवरात्रि की तीसरे दिन इन नियमों का करें पालन, यहां जानिए सुबह और शाम की पूजा का शुभ समय

Author: Ajay Kumar

Published: 12-10-2026, 7:18 PM

नवरात्रि के पूरे नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि का तीसरा दिन देवी चंद्रघंटा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की विधिपूर्वक पूजा करने से जातक के जीवन में आ रही सारी विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। माता रानी का यह स्वरूप भक्तों के लिए बड़ा ही कल्याणकारी माना जाता। देवी चंद्रघंटा सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिए तैयार रहती हैं। 13 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन रहेगा। तो आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और नियम के बारे में।

शारदीय नवरात्रि 2026 तीसरा दिन: सुबह का पूजा मुहूर्त

देवी मां की पूजा के लिए 13 अक्तूबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 54 मिनट से सुबह 5 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। प्रातः संध्या मुहूर्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट से सुबह 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त का आरंभ दोपहर 12 बजकर 1 मिनट पर और समाप्त दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर होगा।

शारदीय नवरात्रि 2026 तीसरा दिन: शाम का पूजा मुहूर्त

शाम में माता रानी की पूजा के लिए गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 17 मिनट से शाम 7 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। वहीं सायाह्न संध्या का आरंभ शाम 6 बजकर 17 मिनट पर  और समाप्त शाम 7 बजकर 31 मिनट पर होगा।

नवरात्रि पूजा नियम

  • माता रानी की पूजा करते समय नीले और काले रंग के कपड़े बिल्कुल भी न पहनें।

  • देवी मां की मूर्ति या तस्वीर और कलश ईशान कोण में ही स्थापित करें।

  • मां चंद्रघंटा की पूजा करते समय किसी के लिए गलत भावना न रखें।

  • देवी मां का भोग बनाते समय स्वच्छता और सात्विकता का पूरा ध्यान रखें।

  • नवरात्रि के तीसरे दिन सफेद, सुनहरे, पीले या फिर लाल रंग के कपड़े पहनें। मां चंद्रघंटा को ये रंग अति प्रिय है।

  • नवरात्रि के तीसरे दिन देवी मां को दूध, खीर या दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाएं। इसके साथ ही थोड़ा सा शुद्ध शहद भी चढ़ाएं।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप

मां चंद्रघंट का वाहन सिंह है और उनके दस हाथों में से चार दाहिनी हाथों में कमल का फूल, धनुष, जप माला और तीर है और पांचवां हाथ अभय मुद्रा में रहता है, जबकि चार बाएं हाथों में त्रिशूल, गदा, कमंडल और तलवार है और पांचवा हाथ वरद मुद्रा में रहता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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