धनतेरस का त्योहार नई चीजों को खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन खरीदी गई वस्तु घर में सकारात्मकता लाता है। इसलिए धनतेरस के दिन लोग आभूषण, बर्तन और वाहन खरीदते हैं। साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर को है। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ ही भगवान गणेश, धन्वंतरि जी और कुबेर देव की पूजा की जाएगी। इसके साथ ही कई लोग इस दिन नया वाहन भी खरीदेंगे। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि धनतेरस के दिन वाहन खरीदने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त कब रहेगा। साथ ही हम आपको राहुकाल की जानकारी भी देंगे, राहुकाल के दौरान आपको वाहन आदि खरीदने से बचना चाहिए।
प्रात: कालीन शुभ मुहूर्त
- सुबह 7 बजकर 54 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 17 मिनट तक (लाभ चौघड़िया)
- सुबह 9 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक (अमृत चौघड़िया)
दोपहर में शुभ मुहूर्त
- दोपहर में 12 बजे से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक(इस दौरान अभिजीत मुहूर्त रहेगा)
- चर मुहूर्त दोपहर में 4:11 मिनट से शाम 5 बजकर 33 मिनट तक
शाम के समय शुभ मुहूर्त
- शाम को 6 बजकर 3 मिनट से शाम को 7 बजकर 19 मिनट तक
- रात्रिकालीन लाभ मुहूर्त 8 बजकर 49 मिनट से 10 बजकर 27 मिनट तक
धनतेरस के दिन शहर अनुसार राहुकाल का समय
- दिल्ली- सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 तक
- मुंबई- सुबह 10:57 से दोपहर 12:22 तक
- चंडीगढ़- सुबह 10:45 से दोपहर 12:06 तक
- लखनऊ- सुबह 10:27 से दोपहर पहले 11:50 तक
- भोपाल- सुबह 10:40 से दोपहर 12:04 तक
- कोलकाता- सुबह 09:56 से दोपहर पहले 11:20 तक
- अहमदाबाद- सुबह 10:59 से दोपहर 12:23 तक
- चेन्नई- सुबह 10:25 से दोपहर पहले 11:52 तक
धनतेरस पर वाहन खरीदने के बाद क्या करना चाहिए?
अगर आप धनतेरस पर गाड़ी खरीदने वाले हैं तो सबसे पहले शो रूम में ही वाहन पर लाल चंदन से स्वास्तिक का चिह्न बनाना चाहिए। इसके बाद वाहन पर अक्षत आपको छिड़कने चाहिए और मौली का एक टुकड़ा लेकर स्वास्तिक पर लगाना चाहिए। इसके बाद वाहन की आरती उतारकर नारियल फोड़ना चाहिए। पूजा समाप्त होने के बाद वाहन पर कलावा आपको बांधना चाहिए। वाहन खरीदने के बाद शनि देव के मंत्रों का जप भी आपको करना चाहिए क्योंकि वाहन में सबसे अधिक लोहे का इस्तेमाल होता है जोकि शनि देव की धातु है। इसके साथ ही अन्य ग्रहों का ध्यान भी आपको करना चाहिए। सही विधि-विधान से अगर आप वाहन की पूजा करते हैं तो दुर्घटनाओं से आप बच सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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