1
प्रकृति
ॐ प्रकृत्यै नमः।
जो स्वयं प्रकृति स्वरूपा हैं
2
विकृति
ॐ विकृत्यै नमः।
जिन्हें हम विभिन्न नामों या रूपों से जानते हैं
3
विद्या
ॐ विद्यायै नमः।
जो समस्त प्रकार की विद्याओं में विद्यमान हैं
4
सर्वभूतहितप्रदा
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः।
जो संसार के समस्त सुखों को प्रदान करती हैं
5
श्रद्धा
ॐ श्रद्धायै नमः।
जिन्हें केवल सच्ची श्रद्धा द्वारा प्राप्त किया जा सकता है
6
विभूति
ॐ विभूत्यै नमः।
जो अपने भक्तों को धन-सम्पदा प्रदान करती हैं
7
सुरभि
ॐ सुरभ्यै नमः।
जो सर्वोच्च देवी हैं और त्रिमूर्ति भी जिनकी आराधना करते हैं
8
परमात्मिका
ॐ परमात्मिकायै नमः।
जो तीनों लोकों की आराध्य देवी हैं
9
वाक्
ॐ वाचे नमः।
जिनकी वाणी अमृत तुल्य है
10
पद्मालया
ॐ पद्मालयायै नमः।
जो कमल पुष्प के आसन पर विराजमान हैं
11
पद्मा
ॐ पद्मायै नमः।
जो कमल वर्ण वाली हैं
12
शुचि
ॐ शुचये नमः।
जो स्वयं पवित्र हैं
13
स्वाहा
ॐ स्वाहायै नमः।
जो स्वयं आहुतिस्वरूपा हैं
14
स्वधा
ॐ स्वधायै नमः।
जो स्वधा देवी के रूप में स्थित हैं
15
सुधा
ॐ सुधायै नमः।
जो स्वयं अमृत के रूप में विद्यमान हैं
16
धन्या
ॐ धन्यायै नमः।
जो कृतज्ञता का मूर्त रूप हैं
17
हिरण्मयी
ॐ हिरण्मय्यै नमः।
जिनकी आभा स्वर्ण के समान तेजपूर्ण है
18
लक्ष्मी
ॐ लक्ष्म्यै नमः।
जो धन-ऐश्वर्य प्रदान करती हैं
19
नित्यपुष्टा
ॐ नित्यपुष्टायै नमः।
जो निरन्तर पुष्ट (शक्तिशाली) होती रहती हैं
20
विभावरी
ॐ विभावर्यै नमः।
जो अत्यन्त सुन्दर हैं एवं अनन्त तेज को धारण करने वाली हैं
21
अदिति
ॐ अदित्यै नमः।
जिनकी कान्ति सूर्य के समान है
22
दिति
ॐ दित्यै नमः।
जो भक्तों की प्रार्थना का उत्तर हैं
23
दीपा
ॐ दीपायै नमः।
जिनका तेज सहस्र सूर्यों के समान है
24
वसुधा
ॐ वसुधायै नमः।
जो भूमिदेवी के रूप में भक्तों का कल्याण करती हैं
25
वसुधारिणी
ॐ वसुधारिण्यै नमः।
जो सम्पूर्ण पृथ्वी का भार धारण करती हैं
26
कमला
ॐ कमलायै नमः।
जो कमला पुष्प से प्रकट होने वाली देवी हैं
27
कान्ता
ॐ कान्तायै नमः।
जो भगवान श्री विष्णु की अर्धाङ्गिनी हैं
28
कामाक्षी
ॐ कामाक्ष्यै नमः।
जिनके नेत्र अत्यधिक आकर्षक एवं दिव्य हैं
29
क्षीरोधसम्भवा
ॐ क्षीरोधसम्भवायै नमः।
जो भगवान विष्णु के साथ क्षीरसागर में निवास करती हैं
30
अनुग्रहप्रदा
ॐ अनुग्रहप्रदायै नमः।
जो नाना प्रकार के सुख प्रदान करती हैं
31
बुद्धि
ॐ बुद्धये नमः।
जो स्वयं बुद्धिस्वरूपा हैं
32
अनघा
ॐ अनघायै नमः।
जो निष्पाप हैं
33
हरिवल्लभा
ॐ हरिवल्लभायै नमः।
जो भगवान श्री हरि की धर्मपत्नी हैं
34
अशोका
ॐ अशोकायै नमः।
जो दुःख का नाश करती हैं
35
अमृता
ॐ अमृतायै नमः।
जो अमृत का मूल तत्त्व हैं एवं जो सागरमन्थन से अमृत के साथ प्रकट हुई थीं
36
दीप्ता
ॐ दीप्तायै नमः।
जो सदैव दीप्तिमान रहती हैं
37
लोकशोकविनाशिनी
ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः।
जो समस्त सृष्टि की पीड़ा का शमन करती हैं
38
धर्मनिलया
ॐ धर्मनिलयायै नमः।
जो धर्म की स्थापना करने वाली हैं
39
करुणा
ॐ करुणायै नमः।
जो दया एवं करुणा का सागर हैं
40
लोकमाता
ॐ लोकमात्रे नमः।
जो सम्पूर्ण जगत की माता हैं
41
पद्मप्रिया
ॐ पद्मप्रियायै नमः।
जिन्हें कमल पुष्प अति प्रिय हैं
42
पद्महस्ता
ॐ पद्महस्तायै नमः।
जिनके हाथ कमल पुष्प के समान हैं
43
पद्माक्षी
ॐ पद्माक्ष्यै नमः।
जिनके नेत्र कमल के समान हैं
44
पद्मसुन्दरी
ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः।
जो कमल पुष्प की भाँति सुन्दर हैं
45
पद्मोद्भवा
ॐ पद्मोद्भवायै नमः।
जो कमल पुष्प से प्रकट होती हैं
46
पद्ममुखी
ॐ पद्ममुख्यै नमः।
जिनका मुख कमल के समान है
47
पद्मनाभप्रिया
ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः।
जो पद्मनाभ (भगवान विष्णु) की प्रियतमा हैं
48
रमा
ॐ रमायै नमः।
जो भगवान विष्णु को प्रसन्न रखती हैं
49
पद्ममालाधरा
ॐ पद्ममालाधरायै नमः।
जो कमल पुष्पों की माला धारण करती हैं
50
देवी
ॐ देव्यै नमः।
जो सर्वशक्तिशाली हैं
51
पद्मिनी
ॐ पद्मिन्यै नमः।
जो क्षीरसागर में कमल पुष्प से प्रकट होने वाली देवी हैं
52
पद्मगन्धिनी
ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः।
जिनकी कमल पुष्प के समान सुगन्ध है
53
पुण्यगन्धा
ॐ पुण्यगन्धायै नमः।
जो दैवीय सुगन्ध वाली हैं
54
सुप्रसन्ना
ॐ सुप्रसन्नायै नमः।
जो सदैव प्रसन्न एवं आनन्दित रहने वाली हैं
55
प्रसादाभिमुखी
ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः।
जो सदैव भक्तों को वर प्रदान करने हेतु तत्पर हैं
56
प्रभा
ॐ प्रभायै नमः।
जिनकी कान्ति सहस्रों देदीप्यमान सूर्यों के समान है
57
चन्द्रवदना
ॐ चन्द्रवदनायै नमः।
जिनका मुखमण्डल चन्द्रमा के समान है
58
चन्द्रा
ॐ चन्द्रायै नमः।
जो चन्द्र की भाँति शान्त एवं शीतल हैं
59
चन्द्रसहोदरी
ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः।
जो चन्द्रमा की बहन हैं
60
चतुर्भुजा
ॐ चतुर्भुजायै नमः।
जो चार भुजाओं वाली हैं
61
चन्द्ररूपा
ॐ चन्द्ररूपायै नमः।
जिनका चन्द्र के समान रूप है
62
इन्दिरा
ॐ इन्दिरायै नमः।
जो क्षीरसागर में सूर्य के समान देदीप्यमान हैं
63
इन्दुशीतला
ॐ इन्दुशीतलायै नमः।
जिनका स्वभाव चन्द्रमा के समान शान्त एवं शीतल है
64
आह्लादजननी
ॐ आह्लादजनन्यै नमः।
जो समस्त सृष्टि को आह्लादित करने वाली हैं
65
पुष्टि
ॐ पुष्ट्यै नमः।
जो भक्तों को स्वास्थ्य (आरोग्य) प्रदान कर पुष्ट रखती हैं
66
शिवा
ॐ शिवायै नमः।
जो अत्यधिक शुभ हैं
67
शिवकरी
ॐ शिवकर्यै नमः।
जो सबका मंगल करती हैं
68
सत्या
ॐ सत्यायै नमः।
जो परम सत्य हैं
69
विमला
ॐ विमलायै नमः।
जो अत्यन्त शुद्ध हैं
70
विश्वजननी
ॐ विश्वजनन्यै नमः।
जो सम्पूर्ण चराचर जगत की माता हैं
71
तुष्टि
ॐ तुष्ट्यै नमः।
जो सांख्य दर्शन में कथित नौ तुष्टियों (चार आध्यात्मिक और पाँच बाह्य) की स्वामिनी हैं
72
दारिद्र्यनाशिनी
ॐ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः।
जो दरिद्रता को नष्ट करने वाली हैं
73
प्रीतिपुष्करिणी
ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः।
जिनके नेत्र सुख प्रदान करने वाले हैं
74
शान्ता
ॐ शान्तायै नमः।
जो श्रुतिस्वरूपा हैं
75
शुक्लमाल्याम्बरा
ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः।
जो श्वेत पुष्पों की माला एवं श्वेत वस्त्र धारण करने वाली हैं
76
श्री
ॐ श्रियै नमः।
जो श्री (लक्ष्मी) एवं सौभाग्य प्रदान करती हैं
77
भास्करी
ॐ भास्कर्यै नमः।
जो तीनों लोकों को प्रकाशित करने वाली हैं
78
बिल्वनिलया
ॐ बिल्वनिलयायै नमः।
जो बिल्ववृक्ष में निवास करती हैं
79
वरारोहा
ॐ वरारोहायै नमः।
जो भक्तों को इच्छित वर प्रदान करने हेतु सदैव तत्पर हैं
80
यशस्विनी
ॐ यशस्विन्यै नमः।
जो सम्पूर्ण सृष्टि में सम्मानीय एवं पूजनीय हैं
81
वसुन्धरा
ॐ वसुन्धरायै नमः।
जो पृथ्वी की पुत्री हैं
82
उदाराङ्गा
ॐ उदाराङ्गायै नमः।
जो सुन्दर अंगों वाली हैं
83
हरिणी
ॐ हरिण्यै नमः।
जो हिरण के समान सुन्दर एवं सौम्य हैं
84
हेममालिनी
ॐ हेममालिन्यै नमः।
जो स्वर्ण का हार धारण करती हैं
85
धनधान्यकरी
ॐ धनधान्यकर्यै नमः।
जो धन-धान्य प्रदान करती हैं
86
सिद्धि
ॐ सिद्धये नमः।
जो नाना प्रकार की सिद्धि प्रदान करती हैं
87
स्त्रैणसौम्या
ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः।
जो मृदुस्वभाव वाली देवी हैं
88
शुभप्रदा
ॐ शुभप्रदायै नमः।
जो शुभफल प्रदान करती हैं
89
नृपवेश्मगतानन्दा
ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः।
जिन्हें राजसी महल में निवास करना प्रिय है
90
वरलक्ष्मी
ॐ वरलक्ष्म्यै नमः।
जो सुख-सुविधा प्रदान करती हैं
91
वसुप्रदा
ॐ वसुप्रदायै नमः।
जो धन-सम्पदा प्रदान करती हैं
92
शुभा
ॐ शुभायै नमः।
जो सफलता एवं सम्पन्नता प्रदान करती हैं
93
हिरण्यप्राकारा
ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः।
जो स्वर्ण में निवास करती हैं
94
समुद्रतनया
ॐ समुद्रतनयायै नमः।
जो क्षीरसागर की प्रिय पुत्री हैं
95
जया
ॐ जयायै नमः।
जो विजय की देवी हैं
96
मङ्गलादेवी
ॐ मङ्गलादेव्यै नमः।
जो अत्यन्त शुभ हैं
97
विष्णुवक्षस्स्थलस्थिता
ॐ विष्णुवक्षस्स्थलस्थितायै नमः।
जो भगवान श्री हरि विष्णु के हृदय में निवास करती हैं
98
विष्णुपत्नी
ॐ विष्णुपत्न्यै नमः।
जो भगवान विष्णु की धर्मपत्नी हैं
99
प्रसन्नाक्षी
ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः।
जिनकी दृष्टि प्रसन्नता से परिपूर्ण है
100
नारायणसमाश्रिता
ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः।
भगवान नारायण जिनके आश्रय हैं
101
दारिद्र्यध्वंसिनी
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः।
जो दुख-दारिद्र्य को नष्ट कर देती हैं
102
देवी
ॐ देव्यै नमः।
जो सर्वशक्तिशाली हैं
103
सर्वोपद्रववारिणी
ॐ सर्वोपद्रववारिण्यै नमः।
जो समस्त प्रकार के उपद्रवों को शान्त करती हैं
104
नवदुर्गा
ॐ नवदुर्गायै नमः।
जो नवदुर्गा के नौ रूपों में स्थित हैं
105
महाकाली
ॐ महाकाल्यै नमः।
जो स्वयं महाकाली-स्वरूपा हैं
106
ब्रह्माविष्णुशिवात्मिका
ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः।
जो त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की प्रिय हैं
107
त्रिकालज्ञानसम्पन्ना
ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः।
जिन्हें तीनों कालों (भूत, भविष्य, वर्तमान) का ज्ञान है
108
भुवनेश्वरी
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
जो 14 भुवनों की स्वामिनी हैं


