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दिवाली पर मां लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाते वक्त न करें ये भूल, वरना रुठ सकती हैं धन की देवी

Author: Ajay Kumar

Published: 04-11-2026, 7:38 AM

इस साल दीपवाली का त्योहार 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली के दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं और अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाती हैं। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। घरों से लेकर आंगन तक को रंग-बिरंगी लाइट और झालरों से सजाया जाता है। इसके साथ पूजा भी पूरे विधि-विधान के साथ करते हैं।

माता लक्ष्मी को कमल के फूल अति प्रिय है इसलिए इसे दिवाली की पूजा सामग्री में जरूर रखें। इसके साथ ही मां लक्ष्मी को कमल के फूल अर्पित करते समय इन बातों का भी जरूर ध्यान रखें वरना मां लक्ष्मी प्रसन्न होने की जगह नाराज हो सकती हैं।

दिवाली पर माता लक्ष्मी को कमल के फूल चढ़ाने का महत्व

हिंदू पुराणों में देवी लक्ष्मी का एक नाम ‘कमला’ और ‘कमलासना’ भी यानी कि कमल पर विराजमान रहने वाली देवी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी का अवतार कमल के फूल से ही हुआ था, इसलिए लक्ष्मी पूजा के दौरान ‘अष्टकमल’ यानी 8 कमल के फूल चढ़ाने का भी विधान है। अगर 8 संभव नहीं है तो आप दिवाली के दिन 1 कमल का फूल भी अर्पित कर सकते हैं। दिवाली के दिन माता लक्ष्मी को कमल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के बीच प्यार और एकता बनी रहती है।

मां लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाते वक्त न करें ये गलतियां

बासी या मुरझाए फूल

मां लक्ष्मी को कभी भी बासी या मुरझाएं हुए फूल अर्पित न करें। हमेशा ताजा और पूरी तरह से खिला हुआ फूल ही दिवाली की पूजा के लिए चुनें।

कटे-फटे फूल

दिवाली की पूजा के लिए कमल लेते समय ध्यान रखें कि ये कहीं से भी कटा-फटा न हो। इसके अलावा उसमें कोई कीड़ा न हो ये भी देख लें। खंडित या अशुद्ध फूल पूजा में नहीं चढ़ाना चाहिए।

अशुद्ध स्थान या बिना धुले फूल न चढ़ाएं

कमल के फूल बाजार से लाने के बाद पहले उसे साफ और शुद्ध जल से साफ कर लें। इसके बाद ही मंदिर में स्वच्छ जगह पर रखें। कभी भी बिना साफ किए फूल माता लक्ष्मी को न चढ़ाएं।

भाव का रखें ध्यान

मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करते समय मन और भाव दोनों को पवित्र रखें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक माता लक्ष्मी के चरणों में कमल का फूल चढ़ाएं। इसे माता के आसन के पास या उनके हाथों में सुशोभित करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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