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कार्तिक मास 2026 में कब-कब पड़ेंगे व्रत-त्योहार? यहां देखें करवा चौथ, दीपावली से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक की पूरी लिस्ट

Author: Ajay Kumar

Published: 22-10-2026, 8:02 PM

सनातन धर्म में कार्तिक मास को भक्ति, पूजा-पाठ, दान और पुण्य कर्मों के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने दीपों की रोशनी, तुलसी पूजन, पवित्र नदियों में स्नान और भगवान विष्णु की आराधना का खास महत्व बताया गया है। इस दौरान दीपावली, छठ, देवउठनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। देश भर में धार्मिक अनुष्ठानों की रौनक देखने को मिलती है। आइए जानते हैं कार्तिक मास में कौन-कौन से व्रत-त्योहार पड़ेंगे और किस दिन कौन-सा पर्व मनाया जाएगा।

कार्तिक मास 2026 के व्रत-त्योहार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास भगवान विष्णु को प्रिय है। इस दौरान सुबह स्नान, तुलसी सेवा, दीपदान, व्रत और कथा श्रवण को पुण्यदायी माना जाता है।

कार्तिक महीने के प्रमुख व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट

तारीख

व्रत-त्योहार

धार्मिक महत्व

















27 अक्टूबर 2026

कार्तिक मास का आरंभ

पूजा-पाठ, स्नान, दीपदान और दान-पुण्य का विशेष महत्व

29 अक्टूबर 2026

करवा चौथ

पति की लंबी उम्र के लिए व्रत

6 नवंबर 2026

धनतेरस

भगवान धन्वंतरि की पूजा और खरीदारी की परंपरा

8 नवंबर 2026

दीपावली

मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा

10 नवंबर 2026

गोवर्धन पूजा और चित्रगुप्त पूजा

अन्नकूट और चित्रगुप्त महाराज की आराधना

11 नवंबर 2026

भाई दूज

भाई की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना

13 नवंबर 2026

छठ महापर्व: नहाय-खाय

छठ पूजा के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत

14 नवंबर 2026

छठ महापर्व: खरना

खरना का प्रसाद और पूजा

15 नवंबर 2026

छठ महापर्व: संध्या अर्घ्य

अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य

16 नवंबर 2026

छठ महापर्व: उषा अर्घ्य

उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन

18 नवंबर 2026

अक्षय नवमी

आंवला वृक्ष का पूजन और दान-पुण्य

21 नवंबर 2026

देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह

भगवान विष्णु के योग निद्रा से जागने की मान्यता और तुलसी विवाह

24 नवंबर 2026

कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती

पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य, प्रकाश पर्व

13 से 16 नवंबर 2026: छठ महापर्व

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 14 नवंबर को व्रती खरना की परंपरा निभाएंगी। इसके अगले दिन यानी 15 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं, 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व का समापन होगा।

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