नई दिल्ली. क्रिकेट जगत में जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें मैदान पर आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर पहुंच जाता है. एशियन गेम्स 2026 में मेंस क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला भी इसी ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता का गवाह बनने जा रहा है. शनिवार, 3 अक्टूबर का दिन इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होने वाला है, जब ये दोनों टीमें स्वर्ण पदक के लिए एक-दूसरे से भिड़ेंगी. हर भारतीय क्रिकेट प्रशंसक की धड़कनें तेज हो गई हैं और पूरी दुनिया की नजरें इस महामुकाबले पर टिक गई हैं. इस अहम मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम जीत के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहेगी. अपनी चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तानी टीम के खिलाफ इस निर्णायक मैच के लिए भारतीय प्रबंधन अपनी प्लेइंग इलेवन में एक बेहद अहम बदलाव कर सकता है, जो खिताबी जीत के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है.
गोल्ड मेडल के इस अत्यधिक दबाव वाले मैच में अनुभव और मौजूदा फॉर्म का बहुत महत्व होता है. इसी रणनीति के तहत, संघर्ष कर रहे ऑलराउंडर शिवम दुबे को अंतिम एकादश से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. उनकी जगह टीम में बाएं हाथ के घातक तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की वापसी लगभग तय मानी जा रही है. शिवम दुबे का हालिया फॉर्म निश्चित रूप से टीम प्रबंधन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है. श्रीलंका के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में दुबे को प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाया गया था. उस मैच में वह आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, लेकिन उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. वह नौ गेंदों का संघर्षपूर्ण सामना करने के बाद केवल 3 रन ही बना सके. इसके अलावा, कप्तान श्रेयस अय्यर ने उस मैच में उनसे एक भी ओवर गेंदबाजी नहीं करवाई थी.
अगर 33 वर्षीय शिवम दुबे के पिछले कुछ मैचों के आंकड़ों पर गौर करें, तो स्थिति और भी चिंताजनक लगती है. सितंबर 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ हुई सीरीज के बाद से उन्होंने भारत के लिए सभी पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. लेकिन इन मैचों की तीन पारियों में उनके बल्ले से कुल मिलाकर सिर्फ 17 रन ही निकले हैं. गेंदबाजी में भी उनका जादू बिल्कुल फीका रहा है. जिन दो मैचों में उन्हें गेंदबाजी का अवसर मिला, वहां भी वह विकेट निकालने में पूरी तरह से नाकाम रहे.
अर्शदीप सिंह की वापसी से गेंदबाजी को मिलेगी नई धार
शिवम दुबे की तुलना में अर्शदीप सिंह का टीम में शामिल होना भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को एक नई धार दे सकता है. अर्शदीप सिंह क्रिकेट के इस 20 ओवर के प्रारूप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. यह हर किसी के लिए हैरानी का विषय था जब श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में इस प्रमुख गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया था. लेकिन अब, जब बात पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल और स्वर्ण पदक की हो, तो अर्शदीप सिंह की भूमिका शिवम दुबे से कहीं ज्यादा अहम हो जाती है. वह डेथ ओवरों और पावरप्ले में अपनी सटीक गेंदबाजी से पाकिस्तानी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.
युवा जोश से भरा मजबूत टॉप और मिडिल ऑर्डर
बल्लेबाजी क्रम की बात करें तो भारतीय टीम प्रबंधन अपने शीर्ष क्रम के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करना चाहेगा. 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अब तक शानदार खेल दिखाया है, वह विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ पारी का आगाज करते हुए नजर आएंगे. तीसरे नंबर पर विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का उतरना तय है.
मध्यक्रम में ईशान किशन भारतीय टीम के लिए बड़े मैच विनर साबित हो सकते हैं. श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में ईशान किशन ने 80 रनों की एक बेहद ही आतिशी और मैच जिताऊ पारी खेली थी. बाएं हाथ के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए, उन्हें कप्तान श्रेयस अय्यर से भी ऊपर बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है, ताकि टीम को बीच के ओवरों में तेज गति से रन मिल सकें. मध्यक्रम को और अधिक मजबूती देने के लिए युवा और आक्रामक बल्लेबाज तिलक वर्मा भी टीम का अहम हिस्सा होंगे.
बुमराह और स्पिन तिकड़ी पर विरोधी टीम को रोकने का दारोमदार
तेज गेंदबाजी विभाग की पूरी कमान टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के हाथों में होगी. इस शिखर मुकाबले में उनका अनुभव और दबाव झेलने की क्षमता भारत के लिए सबसे बड़ी ताकत साबित होगी. बुमराह और अर्शदीप की जोड़ी पाकिस्तानी बल्लेबाजों के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है. खिताबी जंग का नतीजा बहुत हद तक भारत की स्पिन तिकड़ी यानी अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई के कंधों पर भी टिका होगा. सेमीफाइनल में अक्षर पटेल ने अपनी फिरकी का शानदार जाल बुनते हुए श्रीलंका के दो महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था.
वहीं, अमृतसर में जन्मे सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी गेंद से कमाल दिखाते हुए उस मैच में विरोधी टीम के दो विकेट झटके थे. जरूरत पड़ने पर अभिषेक शर्मा खिताबी मुकाबले में भी अपनी स्पिन गेंदबाजी से कप्तान को कुछ अहम ओवर निकालकर दे सकते हैं. भारतीय स्क्वाड में स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर विप्रज निगम और यश ठाकुर भी मौजूद हैं, लेकिन मौजूदा संतुलन को देखते हुए उनके इस फाइनल मैच में खेलने की संभावना न के बराबर है.
एशियन गेम्स 2026 फाइनल के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन:
वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं.


