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9 अक्टूबर की सुबह शनि-चंद्रमा के बीच बनेगा विष योग, कुंभ सहित 3 राशियों को रहना होगा सावधान

Author: Ajay Kumar

Published: 08-10-2026, 3:58 AM

चंद्रमा 9 अक्टूबर की सुबह कन्या राशि में गोचर करेंगे जिसके चलते मीन में बैठे शनि की सप्तम दृष्टि चंद्रमा पर पड़ेगी वहीं चंद्रमा भी शनि को सप्तम दृष्टि से देखेंगे। इसलिए 9 अक्टूबर को चंद्रमा-शनि के बीच समसप्तक के साथ ही विष योग का निर्माण भी होगा। आपको बता दें कि विष योग तब बनता है जब चंद्र-शनि कुंडली में युति बना रहे हों या एक-दूसरे से सप्तम भाव में हों। आइए अब जान लेते हैं कि विष योग के बनने से किन राशियों को सावधान रहने की आवश्यकता होगी।

मेष राशि

चंद्रमा और शनि के बीच बनने वाले विष योग के चलते आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इस राशि के कुछ लोगों को तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है। वाद-विवाद से जितना दूर रहेंगे उतना आपके लिए अच्छा होगा। धन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की कोताही न बरतें। मेष राशि के लोग वाहन चलाते समय भी सतर्क रहें। विष योग के दौरान चंद्रमा आपके त्रिक भाव में से एक छठे भाव में रहेंगे इसलिए माता के पक्ष के लोगों के साथ बातचीत के दौरान शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। उपाय के तौर पर आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों विष योग के दौरान अचानक से आपके खर्च बढ़ सकते हैं इसलिए सही बजट बनाकर आपको आगे बढ़ना होगा। चंद्रमा आपके द्वादश भाव में होंगे और शनि छठे इसलिए शत्रु पक्ष को लेकर भी बेहद सतर्क रहें। किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा करना आपके लिए घातक हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगड़ने की आशंका है इसलिए बातें करने से ज्यादा अपने काम पर ध्यान दें। उपाय के तौर पर आपको शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों आपको विष योग के दौरान पारिवारिक जीवन में सतर्क रहना होगा। घर के लोगों के साथ बातचीत करते समय अपने क्रोध पर काबू रखें। कारोबारी धन का लेन-देन करते समय किसी विश्वासपात्र को पास रखें। सेहत को लेकर लापरवाही बरतना आपके लिए घातक साबित हो सकता है। नौकरी बदलने का विचार बना रहे हैं तो अक्टूबर के मध्य तक आपको रुकना चाहिए। उपाय के तौर पर भगवान शिव के मंत्रों का जप आपको करना चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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