प्राण की प्रतिष्ठा होते ही पांच वर्ष के बालक राम करोड़पति हो गए। देश-दुनिया के भक्तों ने नव्य मंदिर में आराध्य के विराजमान होने की खुशी में 3.17 करोड़ रुपये की निधि समर्पित की। वैसे तो रामलला को हजारों करोड़ का दान और चढ़ावा मिला है, लेकिन ताजा घटनाक्रम में यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि इसके लिए श्रद्धालुओं को कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंगलवार को नव्य मंदिर आम भक्तों के दर्शन के लिए खोला गया। इस दिन आराध्य की एक झलक पाने की कैसी आतुरता रही, इसे देश ही नहीं, पूरी दुनिया ने देखा।
राम मंदिर में दर्शनार्थियों के उमड़ने के पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए। लाखों की भीड़ जुट जाने से दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ा। इसके बावजूद भक्त अपने रामलला को चढ़ावा भेंट करने से पीछे नहीं हटे। जिस तरह उन्होंने दर्शन पाने के लिए कई मुश्किलों को झेला वैसे ही भारी भीड़ में दानराशि अर्पित करने के लिए जूझना पड़ा, फिर भी वे पीछे नहीं हटे।
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी भक्तों के रामलला के प्रति इस अगाध श्रद्धा को देख अभिभूत है। ट्रस्टी और प्राण प्रतिष्ठा में प्रमुख यजमान के दायित्व का निर्वहन करने वाले डॉ. अनिल मिश्र ने अमर उजाला को बताया कि मंगलवार को आया दान काफी महत्व रखता है।