पंजाब में नशीली दवाओं का खतरा पिछले एक दशक या उससे अधिक समय से राजनीतिक और सामाजिक ध्यान के केंद्र में रहा है। नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या से जनता की भावनाएं चरम पर हैं। विकास वासुदेवा का मानना है कि 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने के कारण राजनीतिक दल इसका फायदा उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।
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