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अहोई अष्टमी के दिन संतान की तरक्की और खुशहाली के लिए करें ये अचूक उपाय, दूर होगी सभी बाधाएं

Author: Ajay Kumar

Published: 31-10-2026, 3:08 PM

प्रत्येक वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है। सप्तमी तिथि रविवार को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, उसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी। 1 नवंबर 2026 यानी रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत आज ही किया जायेगा। इस दिन माताएं अपने बच्चों के सुखी जीवन, उनकी खुशहाली, लंबी आयु और उनके जीवन में धन-धान्य की बढ़ोतरी के साथ ही करियर में सफलता के लिये व्रत करती हैं। साथ ही संतान प्राप्ति के लिये भी अहोई अष्टमी का व्रत लाभदायक रहता है।

इस दिन अहोई माता की पूजा की जाती है और पूरा दिन व्रत करने के बाद शाम के समय तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। कुछ लोग अपनी मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा को अर्घ्य देकर भी व्रत खोलते हैं। इसके अलावा अहोई अष्टमी के दिन इन खास उपायों को करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए अहोई अष्टमी के दिन किए जाने वाले विशेष उपायों के बारे में।

– अगर आपकी संतान को धन संबंधी परेशानी बनी रहती है तो अहोई अष्टमी के दिन अपनी संतान को 5 कौड़ियां दें और उससे कहें कि वो इनकी धूप, दीप आदि से पूजा करें और पूजा के बाद उन कौड़ियों को संभालकर एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने पास रख लें। लेकिन अगर आपकी संतान ये सब न करें, तो उसकी जगह आप कौड़ियों की पूजा करके, उन्हें लाल कपड़े में लपेटकर अपनी संतान को दें और उससे कहें कि उन्हें संभालकर अपने पास रख लें।

– अगर आप अपनी संतान का करियर अच्छा बनाना चाहते हैं तो अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा के दौरान देवी मां को लाल फूल अर्पित करें। साथ ही खीर का भोग लगाएं और अपने बच्चे के अच्छे करियर के लिये अहोई माता से प्रार्थना करें। भोग लगाने के बाद उस दूध-चावल से बनी खीर को प्रसाद के रूप में अपने बच्चे को खिलाएं और देवी मां को चढ़ाया हुआ फूल अपने बच्चे के हाथ में दे दें और उसे आज पूरा दिन रखने के लिये कहें।

– अगर आपकी संतान के वैवाहिक जीवन में किसी प्रकार की समस्या चल रही है तो अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता को गुड़ का भोग लगाएं और अपनी संतान को गले में चांदी की चेन पहनने के लिये कहें।

– अगर आपका बच्चा बहुत जिद्दी है और वो आपकी कोई बात नहीं मानता, तो अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता से प्रार्थना करें, उनकी विधि-पूर्वक पूजा करें और पूजा के बाद एक तांबे का सिक्का लेकर बहते जल में प्रवाहित करें।

– अगर आपका बच्चा गलत संगत में पड़ गया है तो उसे इस सबसे छुटकारा दिलाने के लिये अहोई अष्टमी के दिन स्नान आदि के बाद अहोई माता की पूजा करके सूर्य देव को जल चढ़ाएं। साथ ही संभव हो तो तांबे का सिक्का जल में प्रवाहित करें।

– अगर आपकी संतान अपने बिजनेस को लेकर उलझन में रहते है, उसका मन परेशान रहता है या बिजनेस बढ़ाने को लेकर उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है तो अहोई अष्टमी के दिन एक चांदी का चंद्रमा लेकर उन्हें दें और उनसे कहें कि वो उस चांदी के चंद्रमा को अपने गले में पहन लें। अगर वो पहनना ना चाहें तो उसे अपने पास रख लें।

– अगर आपको अपने करियर संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और आप उस परेशानी से बाहर निकलना चाहते हैं, तो अहोई अष्टमी के दिन स्नान आदि के बाद भगवान शिव की उचित विधि से पूजा करें। साथ ही भगवान को जलाभिषेक करें और चंदन अर्पित करें। फिर हाथ जोड़कर भगवान से अपने करियर संबंधी परेशानी से छुटकारा पाने के लिये प्रार्थना करें।

– अगर आप अपनी संतान के पारिवारिक जीवन में खुशियां बनाये रखना चाहते हैं तो अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा के समय एक कटोरी में चावल भरकर रखें और उन चावलों के ऊपर एक रुपये का सिक्का रखें। फिर अहोई माता की विधि-पूर्वक पूजा करें और पूजा के बाद उन चावलों में रखे सिक्के को अपनी संतान को दें और चावल को किसी मंदिर में दे दें।

– अगर आप अपनी संतान की अच्छी सेहत सुनिश्चित करना चाहते हैं तो अहोई अष्टमी के दिन आपको अहोई पूजा के समय पांच साबुत हल्दी की गांठ लेकर देवी मां के सामने रखनी चाहिए और पूजा के बाद देवी मां को प्रणाम करके उन हल्दी की गांठ को उठा लें और किसी मंदिर में दान कर दें।

– अगर आप अपनी संतान की अच्छी सेहत के साथ ही उसकी लंबी आयु भी सुनिश्चित करना चाहते हैं तो अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा के समय अपने बच्चे को भी अपने साथ में बिठाएं और उसे देवी मां का आशीर्वाद दिलाएं। अगर आपका बच्चा पास न हो यानि वो अपने स्कूल, कॉलेज या ऑफिस गया हो या फिर किसी और काम से बाहर गया हो तो उसका कोई कपड़ा साथ में रखकर अहोई माता की पूजा करें और देवी मां के सामने जल रहे दीपक की लौ पर हाथ फेरकर अपने बच्चे के कपड़े पर लगाएं।

– अगर आप अपनी लीडरशिप एबिलिटी यानि नेतृत्व क्षमता का विकास करना चाहते हैं तो अहोई अष्टमी के दिन आपको सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए और किसी जरूरतमंद को कुछ मीठा भोजन खिलाना चाहिए।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.31 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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