देश में भूमिगत खनन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम में, कोयला मंत्रालय ने आंशिक रूप से खोजे गए कोयला ब्लॉकों को भी अग्रिम भुगतान की छूट का लाभ दिया है। वर्तमान में, आंशिक रूप से खोजे गए ब्लॉकों में भूमिगत खनन करने वाली कंपनियां ब्लॉक में अनुमानित भूवैज्ञानिक भंडार के मूल्य के 0.2 प्रतिशत की अग्रिम राशि का भुगतान करती हैं।
कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम और एमएमडीआर अधिनियम के तहत कोयले की बिक्री के लिए कोयला ब्लॉकों की नीलामी की मौजूदा पद्धति राजस्व हिस्सेदारी का न्यूनतम प्रतिशत 4 प्रतिशत निर्धारित करती है। इसके अलावा, आवंटित कंपनी को 2 प्रतिशत अग्रिम राशि जमा करनी होगी। हालाँकि, भूमिगत खनन के लिए वर्गीकृत कोयला खदानों के मामले में, अग्रिम भुगतान की पूर्ण छूट के साथ, राजस्व हिस्सेदारी का न्यूनतम प्रतिशत 2 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खदानों के मामले में, क्योंकि यह पूर्व निर्धारित नहीं किया जा सकता है कि खदान भूमिगत, ओपनकास्ट या मिश्रित खनन के लिए उपयुक्त है या नहीं, ऐसी खदानों को 4 प्रतिशत राजस्व हिस्सेदारी के न्यूनतम मूल्य के साथ नीलामी के लिए पेश किया जाता है। इसलिए, ऐसे मामलों में जहां सफल बोलीदाता अन्वेषण के बाद ऐसी कोयला खदानों में भूमिगत खनन करता है, मौजूदा प्रावधानों के तहत अग्रिम राशि देय हो जाती है।
आज जारी एक आदेश में, मंत्रालय ने स्वीकार किया कि भूमिगत खनन के लिए अधिक प्रारंभिक निवेश की आवश्यकता होती है, इसकी निर्माण अवधि लंबी होती है और ओपनकास्ट खनन की तुलना में उत्पादन की लागत अधिक होती है। हालाँकि, भूमिगत खनन के पर्यावरणीय लाभ निश्चित रूप से ऐसे वित्तीय मैट्रिक्स से आगे निकल जाते हैं, जिससे यह खनन का पसंदीदा तरीका बन जाता है।
मंत्रालय ने कहा, “भूमिगत खनन को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए, सक्षम प्राधिकारी ने नीलामी के समय निविदा दस्तावेज में भूमिगत खनन के लिए वर्गीकृत नहीं की गई आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खदानों के भविष्य के सफल बोलीदाताओं को अग्रिम राशि की छूट का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, बशर्ते कि सफल बोलीदाता विशेष रूप से भूमिगत विधि के माध्यम से खनन करता हो।”
इसमें कहा गया है कि ऐसी आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खदानों को खदान के जीवनकाल के दौरान किसी भी स्तर पर ओपनकास्ट या मिश्रित खनन में परिवर्तित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार ने मई 2020 में कोयला और लिग्नाइट की बिक्री के लिए कोयला और लिग्नाइट ब्लॉकों की नीलामी की मूल पद्धति जारी की थी। तब से पद्धति में पहले ही तीन बार संशोधन किया जा चुका है।


