करवा चौथ सुहागिनों का प्रमुख व्रत-त्योहार में से एक माना जाता है। इस दिन महिलाएं पूरा दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोलती हैं। करवा चौथ व्रत में चंद्र देव के दर्शन करना अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। बिना चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के यह व्रत पूरा नहीं माना जाता है। कई बार मौसम खराब या बारिश होने के कारण चांद दिखाई नहीं देता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर चांद नजर नहीं आता है तो ऐसे में व्रती महिलाओं को क्या करना चाहिए। तो अगर आपके शहर में भी चांद बादलों के पीछे छिपा जाए और उसका दीदार नहीं हो पाए ये तुरंत ये उपाय कर के आप अपना करवा चौथ का व्रत खोल सकती हैं।
भगवान शिव के दर्शन करें
अगर आपके शहर में करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के बाद भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पाए तो भगवान शिव की तस्वीर देखकर अपना व्रत खोल सकती हैं। बता दें कि शिवजी के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। अगर ऐसी कोई फोटो या मूर्ति आपके घर में नहीं है तो महादेव के मंदिर में जाकर चंद्रमा के दर्शन करना अपना व्रत पूरी कर सकती हैं।
चावल से बनाएं चंद्रमा
सबसे पहले चंद्रमा जहां से निकलते हैं उस दिशा में एक चौकी रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछा दें। इसके बाद उसपर चावल से चंद्रमा बना लें। इसके बाद उसी काल्पनिक या चित्रित चांद को छलनी से देखें और चंद्रमा का पूजन करें। अब चंद्रमा का ध्यान करते हुए’ॐ चंद्राय नमः’ या ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद अपना करवा चौथ व्रत खोलें।
पंचांग या समयानुसार चंद्रोदय मानकर खोलें व्रत
अपने शहर के पंचांग में दिए गए चंद्रोदय के समय का इंतजार करें। अगर उस समय पर भी चांद नजर नहीं आ रहा है तो चंद्रदेव का स्मरण करके चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पूजा कर के व्रत खोल सकती हैं।
वीडियो कॉल
आपके घर-परिवार के लोग अगर दूसरे शहर में रह रहे हैं और वहां चांद निकला है तो आप उन्हें वीडियो कॉल कर के चंद्रमा के दर्शन कर व्रत खोल सकती हैं। वरना चंद्रमा की तस्वीर देखकर भी करवा चौथ का पारण कर सकते हैं।
करवा चौथ 2026 चांद निकलने का समय
इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। वहीं करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 17 मिनट रहेगा। शहर और स्थान के अनुसार चांद निकलने के समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग जरूर देखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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