Dussehra 2026 Shubh Muhurat And Vidhi: दशहरा पर्व को विजयादशमी और दसेरा के नाम से भी जाना जाता है। दशहरा के दिन अपराह्न (दोपहर) के समय शमी पूजाअपराजिता पूजा और सीमा उल्लंघन जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। इसके अलावा, इस दिन आयुध पूजा (शस्त्र पूजन) भी की जाती है। प्राचीन काल में यह पूजा राजशाही और क्षत्रियों के लिए मुख्य मानी जाती थी। आपको बता दें कि दशहरा का दिन वर्ष के उन साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है, जब किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य और नए काम की शुरुआत बिना पंचांग या मुहूर्त देखे की जा सकती है। इस दिन दोपहर में पूजा-अर्चना करने के बाद शाम को रावण दहन का आयोजन किया जाता है। चलिए, अब जानते हैं दशहरा पूजा का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि।
दशहरा पूजा मुहूर्त 2026
- विजय मुहूर्त – 01:59 PM से 02:45 PM
- अपराह्न पूजा का समय – 01:14 PM से 03:30 PM
- दशमी तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 20, 2026 को 12:50 PM बजे
- दशमी तिथि समाप्त – अक्टूबर 21, 2026 को 02:11 PM बजे
- श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ – अक्टूबर 19, 2026 को 03:38 PM बजे
- श्रवण नक्षत्र समाप्त – अक्टूबर 20, 2026 को 06:02 PM बजे
दशहरा पूजा मुहूर्त शहर अनुसार
| शहर | विजय मुहूर्त | अपराह्न पूजा का समय |
| नई दिल्ली | 01:59 अपराह्न से 02:45 अपराह्न तक | 01:14 अपराह्न से 03:30 अपराह्न तक |
| नोएडा | 01:59 अपराह्न से 02:44 अपराह्न तक | 01:14 अपराह्न से 03:30 अपराह्न तक |
| गुरुग्राम | 02:00 अपराह्न से 02:46 अपराह्न तक | 01:15 अपराह्न से 03:31 अपराह्न तक |
| लखनऊ | 01:45 अपराह्न से 02:31 अपराह्न तक | 12:59 अपराह्न से 03:16 अपराह्न तक |
| पटना | 01:29 अपराह्न से 02:14 अपराह्न तक | 12:43 अपराह्न से 03:00 अपराह्न तक |
| जयपुर | 02:06 अपराह्न से 02:51 अपराह्न तक | 01:20 अपराह्न से 03:37 अपराह्न तक |
| मुंबई | 02:19 अपराह्न से 03:06 अपराह्न तक | 01:33 अपराह्न से 03:53 अपराह्न तक |
| पुणे | 02:16 अपराह्न से 03:02 अपराह्न तक | 01:29 अपराह्न से 03:49 अपराह्न तक |
| अहमदाबाद | 02:20 अपराह्न से 03:06 अपराह्न तक | 01:34 अपराह्न से 03:52 अपराह्न तक |
| कोलकाता | 01:17 अपराह्न से 02:03 अपराह्न | 12:30 अपराह्न से 02:49 अपराह्न तक |
| बेंगलुरु | 02:02 अपराह्न से 02:49 अपराह्न तक | 01:15 अपराह्न से 03:37 अपराह्न तक |
| हैदराबाद | 01:57 अपराह्न से 02:44 अपराह्न तक | 01:11 अपराह्न से 03:31 अपराह्न तक |
| चेन्नई | 01:51 अपराह्न से 02:39 अपराह्न तक | 01:04 अपराह्न से 03:26 अपराह्न तक |
| चंडीगढ़ | 02:00 अपराह्न से 02:46 अपराह्न तक | 01:15 अपराह्न से 03:31 अपराह्न तक |
दशहरा पूजा विधि
- पूजा स्थान पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। फिर विधि विधान भगवान की पूजा करें।
- साथ ही मां दुर्गा का भी पूजन करें।
- देवी-देवताओं को रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य चढ़ाएं।
- इसके बाद हवन और आरती करें।
- फिर पूजा के बाद सभी में प्रसाद बांट दें।
- इसके बाद शाम में रावण दहन करें।
दशहरा पर अपराजिता पूजा की विधि
- जिस स्थान पर पूजा करनी है वहां चंदन के लेप के साथ अष्टदल चक्र बनाएं।
- इसके बाद संकल्प लें कि देवी अपराजिता की पूजा आप अपने परिवार की खुशहाली के लिए कर रहे हैं।
- फिर अष्टदल चक्र के बीच में अपराजिताय नमः मंत्र के साथ देवी अपराजिता का आह्वान करें।
- इसके बाद मां जया को दायीं तरफ क्रियाशक्त्यै नमः मंत्र के साथ आह्वान करें।
- वहीं बायीं ओर मां विजया का उमायै नमः मंत्र के साथ आह्वान करें।
- इसके बाद अपराजिताय नम:, जयाय नम: और विजयाय नम: मंत्र से विधि-विधान से पूजा करें।
- अंत में देवी से प्रार्थना करें कि हे मां मैनें यह पूजा पूरी श्रद्धा से और अपनी क्षमता के अनुसार संपूर्ण की है। कृपया मेरी पूजा स्वीकार करें।
- फिर इस मंत्र के साथ ‘हरेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अजेय सज्जनता मुझे विजय प्रदान करे। पूजा का विसर्जन करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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