|

NewsLink360, Worlds No.1 News Portal

22

बिना कंजक खिलाएं अधूरा माना जाता है नवरात्रि का व्रत, यहां जानिए कन्या पूजन से जुड़ी पौराणिक कथा

Author: Ajay Kumar

Published: 18-10-2026, 5:53 AM

नवरात्रि में कन्या पूजन करने से जगत जननी मां अंबे की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान छोटी-छोटी कन्याओं को भोजन कराने से निसंतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है। कन्या पूजन को कंजक पूजा भी कहा जाता है। माना जाता है कि कन्या पूजन के बिन नवरात्रि का व्रत पूर्ण नहीं माना जाता है। वहीं कन्याओं के साथ एक बटुक भी होना चाहिए जिसे भैरव का रूप माना जाता है। पुराणों के अनुसार, बाल्यावस्था छल-कपट, अहंकार, ईर्ष्या और बुराइयों से दूर होती है। बच्चों का मन पूरी तरह निर्मल और पवित्र होता है, इसलिए उनमें साक्षात देवी की ऊर्जा निवास करती है। यही कारण है कि कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है ताकि घर में सकारात्मकता, सुख और समृद्धि बनी रहे। तो आइए अब जानते हैं कि कन्या पूजन से जुड़ा पौराणिक कथा क्या है।

कन्या पूजन से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा अनुसार, इंद्र देव ने ब्रह्मा जी के कहने पर कन्या पूजन किया था। दरअसल, इंद्रदेव देवी मां को प्रसन्न करना चाहते थे। अपनी इच्छा को लेकर इंद्रदेव ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और उन्हें माता दुर्गा को प्रसन्न करने का उपाय पूछा। ब्रह्मा जी ने इंद्रदेव से कहा कि, देवी माता को प्रसन्न करने के लिए आपको कन्याओं का पूजन करना चाहिए और उन्हें भोजन कराना चाहिए। ब्रहाा जी की सलाह के बाद इंद्रदेव ने माता की विधि-विधान से पूजा करने के बाद कुंवारी कन्याओं का पूजन किया और उन्हें भोजन करवाया। इंद्रदेव के सेवा भाव को देखकर माता प्रसन्न हुईं और उन्हें आशीर्वाद दिया। ऐसा माना जाता है कि, तभी से कन्या पूजन की परंपरा शुरू हुई। कन्या पूजन में 9 कन्याएं देवी दुर्गा के नौ स्वरूप मानी जाती हैं। लेकिन 9 कन्याएं नहीं मिल पा रही हैं तो आप 3, 5 या 7 कन्याओं के साथ भी कन्या पूजन कर सकते हैं।

कन्या पूजन में कन्याओं को खिलाएं ये चीजें

  • सूजी का हलवा
  • काला चना
  • पूड़ी
  • चावल दूध की खीर
  • आलू की रसेदार सब्जी

कन्याओं को ये चीजें देकर करें विदा

केला, सेब, नारियल, अन्य मौसमी फल, मिठाई, बताशा, दक्षिणा और उपहार। कन्याओं को भोजन कराने के बाद ये चीजें देकर फिर अगले आने का निमंत्रण देकर विदा करें। सभी कन्याओं का पैर छूकर आशीर्वाद जरूर लें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

Kanya Pujan: अष्टमी और नवमी पर कैसे करें कन्या पूजन? नोट करें शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री और स्टेप-बाय-स्टेप पूरी विधि



Source link

Author: Ajay Kumar

Tech Enthusiast | Law & Accounting Expert | Web Developer | Blogger | Tally & SAP Specialist

Leave a Comment

Plugin developed by ProSEOBlogger
WhatsApp
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free Ypl themes.
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes