आज शाम 7 बजकर 50 मिनट पर सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश कर रहे है और 16 नवंबर की शाम 7 बजकर 42 मिनट तक तुला राशि में ही गोचर करते रहेंगे, उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जायेंगे। बता दें कि जिस दिन सूर्यदेव किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उस दिन सूर्य की संक्रांति होती है। लिहाजा आज सूर्य की तुला संक्रांति है। दरअसल सूर्य देव लगभग 30 दिनों के अंतराल पर एक-एक करके सभी बारह राशियों में गोचर करते हैं। ये चक्र मेष राशि से शुरू होकर मीन राशि तक चलता है और फिर मेष राशि से दोबारा शुरू हो जाता है।
संक्रांति एक ऐसा पर्व है जिसकी तिथि का निर्धारण सूर्य की गति के आधार पर होता है, जबकि भारतीय पंचांग की अन्य तिथियां चंद्रमा की गति के आधार पर तय की जाती हैं। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि सूर्य के तुला राशि में गोचर से विभिन्न राशि वालों पर क्या प्रभाव होंगे। साथ ही जानेंगे कि सूर्य देव उनके किस स्थान पर गोचर करेंगे और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए।
मेष राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के सातवें स्थान पर गोचर कर रहे हैं जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का संबंध जीवनसाथी से है। सूर्य के इस गोचर से आपको अपने जीवनसाथी से पूरा सहयोग और प्यार मिलता रहेगा। जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते अच्छे बने रहेंगे। लिहाजा सूर्य देव के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये 16 नवंबर तक कोई भी कार्य शुरू करने से पहले संभव हो तो कुछ मीठा खाकर, पानी पीएं या केवल पानी पीएं।
वृष राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के छठे स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का संबंध स्वास्थ्य, शत्रु और मित्र से है। सूर्य के इस गोचर से अगले 30 दिनों के दौरान कुछ नये और अच्छे लोगों से आपकी मुलाकात हो सकती है। हालांकि इस बीच आपका शत्रु भी आपके खिलाफ जाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन वह सिर्फ कोशिशों तक ही सीमित रहेगा। तो सूर्य देव की शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये बंदर को गुड़ खिलाएं।
मिथुन राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के पांचवे स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के पाचंवे स्थान का संबंध आपकी संतान से है, रोमांस से है, विद्या से है, गुरु से है और आपके विवेक से है। सूर्य के इस गोचर से आपको इन सब चीज़ों का सामान्य रूप से लाभ मिलता रहेगा। आपको अपनी संतान से शुभ समाचार मिल सकते हैं। आप रोमांस और विद्या के क्षेत्र में पास हो सकते हैं। आपको अपने गुरु का साथ मिलता रहेगा और आपका विवेक भी बना रहेगा। 16 नवंबर तक सूर्य की इस बेहतर स्थिति का फायदा उठाने के लिये पक्षियों को दाना डालें। यहां एक बात का खास ख्याल रखना है कि दाना कबूतरों को नहीं डालना है।
कर्क राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के चौथे स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का संबंध माता, भूमि भवन और वाहन से है। सूर्य के इस गोचर से आपको अपने कार्यों में माता से पूरा सहयोग मिलेगा। आपको 16 नवंबर तक भूमिभवन और वाहन का लाभ मिल सकता है। इनसे जुड़ी कोई बढ़िया डील आपके हाथ लग सकती है। सूर्य के इन शुभ प्रभावों को सुनिश्चित करने के लिये किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।
सिंह राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का संबंध आपके भाई बहनों से है, आपकी अभिव्यक्ति से है। सूर्य के इस गोचर से आपको समयसमय पर भाई बहनों का साथ मिलता रहेगा। 16 नवंबर तक उनके द्वारा किये गए कामों से आपको भी लाभ मिल सकता है। साथ ही इस दौरान लोग आपकी कही बातों पर ध्यान देंगे और आपका सहयोग करेंगे। तो सूर्य देव के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये सूर्य देव के मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है- ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम:।
कन्या राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का संबंध हमारे स्वभाव और धन से है। सूर्य देव के इस गोचर से 16 नवंबर तक आपको धन कमाने के लिये मेहनत करनी पड़ेगी। आपका स्वभाव कुछ बदला बदला भी रहेगा। अतः सूर्य देव के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये मंदिर में नारियल का दान करना चाहिए।
तुला राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के पहले स्थान, यानि लग्न स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के पहले स्थान का संबंध हमारे शरीर और मुख से है। सूर्य के इस गोचर के प्रभाव से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। साथ ही इस दौरान आपके मुह से निकली बात लोगों को प्रभावित करेंगी। तो सूर्य देव के शुभ फल बनाये रखने के लिये 16 नवंबर तक रोज़ सुबह स्नान आदि के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं।
वृश्चिक राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का संबंध शैय्या सुख और खर्चों से है। सूर्य के इस गोचर से आपको शैय्या का सुख मिलेगा। सांसारिक चीज़ों में आपकी रुचि बढ़ेगी। साथ ही 16 नवंबर तक आप अपने पैसों का बेहतर इस्तेमाल कर पायेंगे। तो सूर्य देव की इस शुभ स्थिति का लाभ उठाने के लिये अगले 30 दिनों के दौरान सुबह के समय अपने घर के खिड़की दरवाज़ों को खोलकर रखें।
धनु राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का संबंध आपकी इनकम से है, आपकी कामना पूर्ति से है। सूर्य के इस गोचर से आपकी इनकम में कुछ खास बढ़त नहीं हो पायेगी। अगले 30 दिनों के दौरान आपको अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिये खुद से मेहनत करनी होगी। तो सूर्य की इस स्थिति में सुधार लाने के लिये रात को सोते समय अपने सिरहाने पर बादाम रखकर सोएं और अगले दिन उन्हें किसी मंदिर या धर्मस्थल पर दान कर दें।
मकर राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के दसवें स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का संबंध करियर, पिता और राज्य से है। सूर्य के इस गोचर से करियर में आपको अपनी मेहनत का उचित फल जरूर मिलेगा। करियर में आपकी तरक्की होगी। व्सायापार में बंपर लाभ मिलेगा। इसके साथ ही आपके पिता को भी सफलता मिलती रहेगी। कई दिनों से रुका कोई प्रशासनिक कार्य पूरा होगा। लिहाजा सूर्य देव की शुभ स्थिति को बनाये रखने के लिये 16 नवंबर तक अपने सिर पर सफेद या शरबती रंग की टोपी लगाकर रखें।
कुंभ राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के नवें स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के नवें स्थान का संबंध आपके भाग्य से यानि आपके लक से है। सूर्य के इस गोचर से आपकी चांदी ही चांदी होगी। 16 नवंबर तक आपके सारे काम समय रहते पूरे हो जायेंगे और आपको अपने हर कार्य में लाभ मिलेगा। लिहाजा भाग्य का साथ बनाये रखने के लिये घर में पीतल के बर्तनों को उपयोग में लाएं।
मीन राशि
सूर्य देव आपकी जन्मपत्रिका के आठवें स्थान पर गोचर कर रहे हैं। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का संबंध आपकी आयु से है। सूर्य के इस गोचर से आपके स्वास्थ्य में कुछ उतार चढ़ाव हो सकते हैं। लिहाजा इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल जरूर रखना चाहिए। साथ ही सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये अगले 30 दिनों के दौरान काली गाय या बड़े भाई की सेवा करें।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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