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माता कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि के सातवें दिन करें 5 मंत्रों का जप, भय और रोग-दोष से मिल सकती है मुक्ति

Author: Ajay Kumar

Published: 16-10-2026, 6:58 AM

माता कालरात्रि को शुभंकरी भी कहा जाता है क्योंकि माता की आराधना से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के सातवें दिन देवी दुर्गा के इस रूप की पूजा की जाती है। साल 2026 में माता कालरात्रि की पूजा 17 अक्टूबर को की जाएगी। इस दिन आप व्रत और पूजन के साथ ही माता के मंत्रों का जप भी कर सकते हैं। माता कालरात्रि के मंत्रों का जप करने से भक्त भय मुक्त होते हैं और साथ ही रोग-दोष से भी मुक्ति मिल सकती है। आइए जान लेते हैं माता कालरात्रि के मंत्रों के बारे में।

माता कालरात्रि का बीज मंत्र

‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः’

ऊपर दिए गए मंत्र को माता कालरात्रि का बीज मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का जप करने से माता की कृपा भक्तों पर बरसती है। नवरात्रि के सातवें दिन जो भी भक्त इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करते हैं उनकी मनोकामनाओं को माता पूरा कर सकती हैं। आप इस मंत्र का जप 11, 51 या 108 बार कर सकते हैं।

मां कालरात्रि ध्यान मंत्र

एक चोटी वाला, मंत्रोच्चार करने वाले कानों से भरा हुआ, गधे पर नग्न खड़ा हुआ।

उसके लंबे होंठ और बालियाँ थीं और उसका शरीर तेल से सना हुआ था।
बायां पैर चमकीले लाल लता के कांटों से सुशोभित है।
वर्धन के मस्तक पर ध्वजा सहित अंधकार की अंधेरी रात भयावह है

माता कालरात्रि के ध्यान मंत्र का जप करने से अशांति, अज्ञान और रोग-दोष से भक्तों को मुक्ति मिलती है। यह मंत्र भक्तों को ज्ञान के मार्ग पर ले जाने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग इस मंत्र का जप निरंतर करते हैं उनकी बड़ी से बड़ी बीमारी दूर हो सकती है।

माता कालरात्रि का स्तोत्र मंत्र

जो देवी समस्त प्राणियों में मां कालरात्रि के रूप में स्थित हैं।
“उसे प्रणाम, उसे प्रणाम, उसे प्रणाम!”

माता कालरात्रि का स्तोत्र मंत्र जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से भक्तों को आत्मिक और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इस मंत्र का जप करने वाले के घर परिवार में भी खुशियां आती हैं।

मां कालरात्रि का कवच मंत्र

ॐ कालरात्रि महाकाली, कपाली करालिनी।
पापों का नाश करने वाले धर्मात्मा, हे मंगलमय, सदैव मेरी रक्षा करें।

माता के कवच मंत्र का जप बेहद शुभ फलदायी माना गया है। इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति को निरोगी काया प्राप्त होती है और साथ ही ज्ञान में भी वृद्धि होती है। नवरात्रि के सातवें दिन इस मंत्र का जप करके आप माता की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

माता कालरात्रि का नवार्ण मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै

माता कालरात्रि के नवार्ण मंत्र का जप करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इस मंत्र का जप आप नवरात्रि के सातवें दिन कर सकते हैं। अगर आप माता दुर्गा के नौ स्वरूप और नौ देवियों से संबंधित चक्रों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस बारे में हमारी वेबसाइट पर विस्तार से लेख पढ़ सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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