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शुक्र-सूर्य की 17 अक्टूबर को होगी युति, वृषभ और वृश्चिक सहित 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रहें सतर्क

Author: Ajay Kumar

Published: 15-10-2026, 6:45 PM

सूर्य ग्रह 17 अक्टूबर को कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर कर जाएंगे। तुला राशि में शुक्र और सूर्य की युति होगी क्योंकि शुक्र पहले से ही तुला राशि में हैं, जिसके चलते कुछ राशियों के जीवन में उथल पुथल मच सकती है। इन राशियों को करियर और आर्थिक पक्ष के साथ ही सेहत का भी ध्यान रखना होगा। आइए जान लेते हैं कौन-कौन सी हैं ये राशियां और कौन से उपाय इनके लिए कारगर साबित हो सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों शुक्र और सूर्य की युति आपकी राशि से छठे भाव में होगी। ज्योतिष में यह भाव रोग और शत्रुओं का कारक माना जाता है। शुक्र-सूर्य युति के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में अपने विरोधियों से सतर्क रहना होगा, विरोधी आपका काम बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। कम बोलें और काम पर ज्यादा ध्यान दें। सेहत को लेकर भी आपको सतर्कता बरतनी होगी पाचन तंत्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। बड़ी रकम का निवेश सोच-समझकर करें। उपाय के तौर पर माता लक्ष्मी की पूजा करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों आपके हानि के भाव में सूर्य-शुक्र की युति होगी। इस युति के चलते अचानक से आपके खर्चे बढ़ सकते हैं इसलिए बजट का ध्यान दें। पारिवारिक मामलों में कुछ दिक्कतों का सामना भी आपको करना पड़ सकता है, वाणी को कंट्रोल में रखें। यात्राओं के दौरान कीमती सामान की आपको सुरक्षा करनी होगी। कार्यक्षेत्र में होने वाली राजनीति से बचकर रहें। उपाय के तौर पर  ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करें।

मीन राशि

आपके आठवें भाव में शुक्र-सूर्य युति होगी। यह भाव आकस्मिक घटनाओं का कारक माना जाता है। आपके जीवन में भी कुछ ऐसा हो सकता है जिसके कारण तनाव की स्थिति बन सकती है। वाहन चलता समय सावधानी बरतें। जीवनसाथी के साथ मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं इसलिए, सतर्क रहें। नौकरी में बदलाव करना चाहते हैं तो पहले किसी अनुभवी से सलाह अवश्य ले लें नहीं तो परेशानी में फंस सकते हैं। विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग हो सकती है, योग-ध्यान करना विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद रहेगा। उपाय के तौर पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ इस राशि के जातकों को करना चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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